बिलासपुर : 12 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने एक अहम निर्णय लेते हुए डीपीएस रिसाली, शंकराचार्य विद्यालय सेक्टर-10 और डीएवी हुडको माइलस्टोन से निष्कासित 74 विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत तत्काल प्रभाव से पुनः विद्यालय में दाखिला देने का आदेश पारित किया है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग ने 3 जुलाई 2025 को आदेश जारी कर इन विद्यार्थियों को विद्यालयों से निष्कासित करने के निर्देश दिए। इस निर्णय से बच्चों का भविष्य संकट में आ गया था, जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई।
यह भी पढ़े : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से, 13 को रणनीति तैयारियों का सियासी मंच सजेगा…
मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद विजय बघेल की पहल पर वरिष्ठ अधिवक्ता टी.के. झा और सौरभ चौबे के नेतृत्व में एक कानूनी टीम ने हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार भारतीय संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है, जिसे किसी भी परिस्थिति में छीना नहीं जा सकता।
कोर्ट ने डीईओ के निष्कासन आदेश को अस्थायी रूप से निरस्त करते हुए 74 विद्यार्थियों को वर्षभर नियमित शिक्षा जारी रखने का निर्देश दिया है। इस फैसले से प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है और RTE की भावना को मजबूती मिली है।
हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ें;https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG हमारे फेसबुक से जुड़ें;https://www.facebook.com/me हमारे यूट्यूब से जुड़ें; https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh हमारे व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q हमारे ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509


