जशपुर : 11 जुलाई 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृहग्राम बगिया स्थित आदिवासी बालक आश्रम में 8 जुलाई को कक्षा तीसरी के छात्र अमृत साय की सर्पदंश से मौत हो गई। हादसे के बाद हॉस्टल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है, वहीं कांसाबेल के प्रभारी मंडल संयोजक फकीर यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि छात्रावास में साफ-सफाई, निगरानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। निरीक्षण में टूटी खिड़कियां, झाड़ियों से घिरा परिसर, बिस्तरों के नीचे गंदगी और कई दिनों से साफ-सफाई न होना सामने आया। साथ ही छात्र की मौत की सूचना समय पर अधिकारियों को नहीं दी गई।
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कलेक्टर ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए मंडल संयोजक से तीन दिनों में जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि जब मुख्यमंत्री के गांव के छात्रावास का यह हाल है, तो दूर-दराज के आदिवासी अंचलों में स्थित आश्रमों की स्थिति कितनी बदतर होगी। पिछले वर्षों में भी छात्रावासों में साफ-सफाई और सुरक्षा की कमी के चलते बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस घटना ने प्रदेशभर के आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्था की पुनः समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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