रायपुर : 10 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में बीते एक सप्ताह से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने बलरामपुर, बालोद, बलौदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, कोरिया, महासमुंद, रायपुर और सूरजपुर जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए 24 घंटे का अलर्ट घोषित किया है।
वहीं दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर और गरियाबंद सहित 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि रायपुर, बेमेतरा और कबीरधाम सहित 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रमुख घटनाएं:
- दुर्ग: शिवनाथ नदी में फंसे 32 मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। ये सभी भारतमाला परियोजना में कार्यरत थे।
- कवर्धा: बिजली गिरने से एक नाबालिग और एक ही परिवार की दो महिलाओं की मौत।
- कांकेर: 16 पिलरों पर चलकर ग्रामीण नदी पार करने को मजबूर। स्कूली बच्चों की भी जान जोखिम में।
- रायगढ़: सबसे अधिक 473.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं बेमेतरा में सबसे कम 153 मिमी बारिश हुई।
- गरियाबंद: उफनते नालों को पार करते लोगों का वीडियो वायरल।
- राजिम: त्रिवेणी संगम और कुलेश्वर महादेव मंदिर की सीढ़ियां जलमग्न।
- बिलासपुर: घरों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित।
- जगदलपुर: तीरथगढ़ व चित्रकोट वाटरफॉल अपने शबाब पर।
- अमृतधारा (मनेंद्रगढ़): भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति।
बिजली गिरने के कारण:
विपरीत ऊर्जा वाले बादलों की टकराहट से आकाशीय बिजली उत्पन्न होती है। यह बिजली तेज़ तापमान (सूर्य से भी अधिक) के साथ धरती पर गिरती है और आसपास मौजूद व्यक्ति को झटका लग सकता है।
सुरक्षा सुझाव:
- खुले मैदान, पेड़ या ऊंचे टावरों के पास न रहें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
- भारी बारिश के दौरान नदी-नालों को पार करने से बचें।
मानसून की स्थिति:
इस बार मानसून 24 मई को ही आ गया था, जो सामान्य से 8 दिन पहले है। अगर यह 15 अक्टूबर तक टिकता है, तो 145 दिन लंबा रहेगा। 11 जुलाई से वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है।
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