रायपुर : 02 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में हुए ₹2161 करोड़ के शराब घोटाले को लेकर ईओडब्ल्यू की पूरक चार्जशीट में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को हर माह दो बार ₹10-10 करोड़ रुपए नकद दिए जाते थे। साथ ही, घोटाले की राशि में से ₹1500 करोड़ रुपए ‘पार्टी फंड’ के नाम पर दिए गए। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि किस पार्टी को यह रकम गई — इस पहलू की जांच जारी है।
चार्जशीट के मुताबिक, फरवरी 2019 से शराब घोटाले की शुरुआत हुई। शुरू में हर माह 800 पेटियों से भरे ट्रक निकलते थे, जिसे ₹2840 प्रति पेटी के हिसाब से बेचा जाता था। बाद में यह बढ़कर 400 ट्रक और ₹3880 प्रति पेटी हो गया। इस तरह हर साल 60 लाख से ज्यादा पेटियां अवैध रूप से बेची गईं।
यह भी पढ़े : हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तेंदुए की दस्तक से दहशत, बछड़े को बनाया शिकार…
राज्य को 8 जोन में बांटकर 15 जिलों में डुप्लीकेट होलोग्राम लगी शराब भेजी गई। इस सिंडिकेट में अमित सिंह, अनुराग द्विवेदी, नवनीत गुप्ता, दीपक दुआरी, प्रकाश शर्मा और कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया की कंपनी ‘सुमित फैसिलिटीज’ शामिल थी। ये लोग डुप्लीकेट होलोग्राम तैयार कर शराब की बोतलों पर लगाते थे, जिसके एवज में प्रति होलोग्राम 8 पैसे कमीशन लिया जाता था।
ईओडब्ल्यू ने घोटाले की जड़ में विभागीय मिलीभगत, ओवरबिलिंग, नकली होलोग्राम और बिना बिल के शराब सप्लाई को बताया है। मामले में कई और खुलासे और गिरफ्तारियां संभावित हैं।
हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ें;https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG हमारे फेसबुक से जुड़ें;https://www.facebook.com/me हमारे यूट्यूब से जुड़ें; https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh हमारे व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q हमारे ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509


