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रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े गए डॉक्टर: मेडिकल कॉलेज की मान्यता दिलाने के एवज में बड़ा घोटाला, CBI की 6 राज्यों में छापेमारी…

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नई दिल्ली/रायपुर, 2 जुलाई 2025
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता के नाम पर रिश्वतखोरी के मामले में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और दिल्ली सहित कुल 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ से तीन डॉक्टरों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

CBI की यह कार्रवाई नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च से जुड़ी मान्यता प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लेकर की गई है। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि संस्थान के अधिकारी निरीक्षण के लिए नियुक्त मेडिकल काउंसिल के आकलनकर्ताओं को रिश्वत देकर अपने पक्ष में अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट दिलवाने की साजिश रच रहे हैं।

कौन-कौन हुए गिरफ्तार?

CBI ने इस मामले में तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है:

  • डॉ. अशोक डी. शेल्के
  • डॉ. मंजप्पा
  • चित्रा मदनहल्ली

इनके साथ संस्थान के अधिकारी और बिचौलिए भी गिरफ्तार किए गए हैं। CBI ने इन सभी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। सभी आरोपियों को 2 जुलाई को रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

कैसे रची गई साजिश?

CBI को सूचना मिली थी कि निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए बिचौलियों के जरिए डॉक्टरों से संपर्क कर मोटी रकम की पेशकश की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने जाल बिछाया और लेन-देन के समय आरोपियों को गिरफ्तार किया।

जांच एजेंसी ने क्या कहा?

CBI अधिकारियों के अनुसार, “संस्थान के पदाधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए जरूरी निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। इसके तहत रिश्वत लेकर नियमों के विरुद्ध रिपोर्ट तैयार कराने का प्रयास किया गया।”

कहां-कहां हुई छापेमारी?

CBI ने इस केस में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में 40 से अधिक ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। इस दौरान दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और नकदी समेत कई अहम साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

बड़ा सवाल: क्या मेडिकल शिक्षा भी बिकने लगी है?
इस कार्रवाई ने मेडिकल शिक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने की प्रक्रिया ही रिश्वत और सिफारिश पर आधारित होगी, तो देश में चिकित्सा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो सकता है।

अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि CBI की जांच आगे किस दिशा में जाती है, और क्या इस मामले में और बड़े नाम सामने आते हैं।

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