गरियाबंद: 22 मई 2025
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर बी.एस. उइके ने जिले के तीन जनपद पंचायतों—देवभोग, छुरा और फिंगेश्वर के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने यह कार्यवाही योजना की मॉनिटरिंग में हो रही उदासीनता के मद्देनज़र की है।
पीएम आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर लगातार योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली इस योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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देवभोग जनपद पंचायत के सीईओ रवि सोनवानी को योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग न करने और फर्जी जीओ टैगिंग के मामलों को अनदेखा करने के कारण नोटिस थमाया गया है। वहीं छुरा जनपद के सीईओ सतीश चन्द्रवंशी को पीएमएवाई 2.0 के तहत किए गए सर्वेक्षण की ठीक से निगरानी न करने और ग्राम पंचायत सोरिदखुर्द में अवैध वसूली की शिकायत पर लापरवाही बरतने के लिए जवाब तलब किया गया है।
इसी प्रकार, फिंगेश्वर जनपद के सीईओ स्वप्निल ध्रुव को ग्राम पंचायत बरभाठा में जॉब कार्ड की गड़बड़ी और अपात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत करने की शिकायत पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करने के लिए नोटिस जारी किया गया है कलेक्टर ने इन तीनों अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जल्द से जल्द संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्यवाही जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जा रही है।
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