नई दिल्ली : 02 अप्रैल 2025 (दिल्ली डेस्क)
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। इस विधेयक को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में रखा। सरकार का कहना है कि यह विधेयक 1995 के वक्फ अधिनियम में आवश्यक संशोधन लाने के लिए पेश किया गया है, जबकि विपक्ष ने इसे जल्दबाजी में लाया गया कानून बताते हुए विरोध जताया। लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “इस विधेयक पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई गई और न ही संशोधन के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।”
बीजेपी का पक्ष:
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने इसे “ऐतिहासिक कदम” बताया और कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के गरीब और कमजोर वर्गों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि “यह पूरी तरह संवैधानिक है और जो इसका विरोध कर रहे हैं, वे मुस्लिम समाज के ही खिलाफ हैं।”
विपक्ष का हमला:
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इसे “बीजेपी की नई साजिश” करार दिया और कहा, “बीजेपी को जमीन से खासा लगाव है। पहले रेलवे और रक्षा की जमीन बेची गई, अब वक्फ की जमीन को बेचने की तैयारी है।”
संसद में भारी हंगामा:
विधेयक पेश होने के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इसे पारदर्शी और न्यायसंगत बताया।
क्या होगा आगे?
सरकार और विपक्ष के बीच किसी सहमति के संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में यह विधेयक बहुमत के आधार पर पारित किया जा सकता है। इसके लिए 8 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है।
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