24.1 C
Raipur
Wednesday, February 11, 2026

कर्मचारी का बर्खास्तगी को हाईकोर्ट ने किया अवैध घोषित, 25 साल बाद मिला न्याय…

HomeChhattisgarhकर्मचारी का बर्खास्तगी को हाईकोर्ट ने किया अवैध घोषित, 25 साल बाद...

Date:

बिलासपुर : 07 अगस्त 2024 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़ )

25 साल के लंबे इंतजार के बा, राजनांदगांव निवासी अब्दुल रहमान अहमद को न्याय मिला है। उनकी नियुक्ति 31 अगस्त 1989 को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय, महानदी कछार में ट्रेसर के पद पर हुई थी। कुछ समय बाद,16 अक्टूबर 1989 को उनकी सेवाएं अधीक्षण अभियंता कार्यालय में स्थानांतरित कर दी गईं। लेकिन 1991 में आनंद मार्ग संस्था से जुड़ाव के आरोप में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।

मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक अधिकरण ने इस बर्खास्तगी को अवैध ठहराते हुए बहाली का आदेश दिया था, लेकिन जल संसाधन विभाग ने 1991 से 1999 तक का वेतन और अन्य लाभ देने से मना कर दिया। अब्दुल रहमान ने फिर से ट्रिब्यूनल का सहारा लिया, लेकिन राज्य विभाजन के बाद मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट में इस मामले को अवमानना याचिका के रूप में पंजीकृत किया गया था।

सुनवाई के दौरान, राज्य शासन की ओर से समय पर जवाब प्रस्तुत न किए जाने के कारण कोर्ट ने मामले को एकतरफा निराकृत कर दिया। इसके बावजूद जब याचिकाकर्ता को बैकवेज नहीं मिला, तो उन्होंने 2006 में फिर से याचिका दायर की। अब, 25 साल बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी ने अपने फैसले में कहा है कि जब किसी सरकारी कर्मचारी की बर्खास्तगी को हाईकोर्ट अवैध घोषित कर देती है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त जांच के बहाल किया जाना चाहिए और सेवा से बाहर होने की अवधि का पूरा वेतन-भत्ता और अन्य लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने राज्य शासन को लंबित वेतन और भत्तों का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

ख़बरें और भी …हमसे जुड़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक |

https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

मंत्रालय में साय कैबिनेट की अहम बैठक, जनकल्याण और विकास एजेंडा पर हुई विस्तृत चर्चा…

रायपुर/छत्तीसगढ़ मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में रणनीतिक...