गोवा स्थित आवास पर आया गंभीर कार्डियक अरेस्ट, चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की; भारतीय सिनेमा ने खोया बहुमुखी और प्रभावशाली अभिनेता
गोवा। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्टों के अनुसार गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर के अनुसार सुबह करीब 5:20 बजे उनके निधन की पुष्टि हुई। मामले में मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में चार दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘अग्निसाक्षी’ जैसी फिल्मों में उनके प्रभावशाली अभिनय को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। उनकी संवाद अदायगी, तीव्र अभिनय शैली और दमदार व्यक्तित्व ने उन्हें भारतीय सिनेमा के विशिष्ट कलाकारों में स्थापित किया।
नाना पाटेकर ने गंभीर भूमिकाओं के साथ हास्य अभिनय में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2007 की फिल्म ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी का उनका किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ और इसके संवाद लंबे समय तक चर्चा में रहे। ‘प्रहार’ में सेना अधिकारी की भूमिका के लिए उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण लिया था। सेना के प्रति उनका जुड़ाव केवल पर्दे तक सीमित नहीं रहा और कारगिल युद्ध के दौरान भी उनके सेना के साथ रहने की खबरें सामने आई थीं।
नाना पाटेकर का निधन भारतीय फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। 4 अक्टूबर को ही उन्होंने गोवा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और इसके कुछ ही दिनों बाद उनके अचानक निधन की खबर सामने आई। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग छाप छोड़ने वाले नाना पाटेकर अपने सशक्त अभिनय, सामाजिक सरोकारों और यादगार किरदारों के लिए लंबे समय तक याद किए जाएंगे।


