नई दिल्ली, दिल्ली।
मुख्य बिंदु :
- बेघर और बीमार लोगों के रेस्क्यू के लिए एम्बुलेंस और वैन की शुरुआत
- ‘अपना घर आश्रम’ और दिल्ली सरकार की संयुक्त पहल
- अनाथ युवाओं के लिए ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ की घोषणा
- 3.5 करोड़ रुपए के बजट से युवाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार सहायता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बेघर, बेसहारा और बीमार लोगों के लिए राहत भरी पहल करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘अपना घर आश्रम’ और दिल्ली सरकार की संयुक्त पहल के तहत कई एम्बुलेंस और वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य सड़क पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है।
बेघर लोगों को मिलेगा इलाज और आश्रय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में कई लोग बिना किसी सहारे के सड़कों पर जीवन गुजार रहे हैं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। सरकार और अपना घर आश्रम की संयुक्त टीम ऐसे लोगों की पहचान करेगी, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता या आश्रय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस और वैन के जरिए जरूरतमंद लोगों को रेस्क्यू कर आश्रम या अस्पताल पहुंचाया जाएगा, जहां उनके इलाज और देखभाल की व्यवस्था की जाएगी।
‘मदर्स डे’ पर अनाथ युवाओं के लिए नई योजना
मुख्यमंत्री ने ‘मदर्स डे’ के अवसर पर ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ की घोषणा भी की। इस योजना के तहत उन अनाथ बच्चों और युवाओं को सहायता दी जाएगी, जो 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद संस्थागत देखभाल से बाहर हो जाते हैं।
इस योजना के अंतर्गत युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और मासिक स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार ने इस योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 3.5 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को सुरक्षा देना नहीं, बल्कि उनका भविष्य सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है, जहां कोई भी बच्चा या युवा खुद को अकेला या असहाय महसूस न करे।
‘विलेज कॉटेज होम’ पहुंचीं मुख्यमंत्री
मदर्स डे के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लाजपत नगर स्थित विलेज कॉटेज होम का दौरा किया। यहां उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस केंद्र में उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत भी की।
दिल्ली में संचालित हो रहे 88 चाइल्ड केयर संस्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 88 चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूशंस (CCI) संचालित हो रहे हैं, जिन्हें सरकार और विभिन्न एनजीओ मिलकर चला रहे हैं। इन संस्थानों में बच्चों को देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाएं दी जाती हैं।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु के बाद युवाओं को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘आफ्टरकेयर स्कीम’ तैयार की गई है, ताकि युवाओं को संस्थागत देखभाल से बाहर आने के बाद भी निरंतर सहायता मिलती रहे।
ख़बरें और भी…


