स्वतंत्र छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 5% से बढ़ाकर 10%
- UAE से आने वाले गोल्ड पर भी असर
- सोना-चांदी महंगे होने की संभावना
- सरकार ने कई प्रीसियस मेटल्स पर बढ़ाई ड्यूटी
- घरेलू बाजार कीमतों पर पड़ सकता है असर
गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी दोगुनी, UAE से आने वाले सोने पर भी असर
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के आयात को महंगा करने वाला बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गोल्ड पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया है। इसके साथ Agriculture Infrastructure & Development Cess (AIDC) में भी बदलाव किया गया है। इस फैसले के बाद देश में सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में गोल्ड इंपोर्ट लगातार बढ़ रहा है और ट्रेड डेफिसिट को लेकर भी चिंता बनी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार का उद्देश्य गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करना और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करना है।
पहले कितनी थी ड्यूटी, अब कितनी हो गई?
अब तक गोल्ड पर:
- 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD)
- 1% AIDC
लगता था। यानी कुल प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 6% थी।
अब सरकार ने BCD बढ़ाकर 10% कर दी है। इससे सोने का आयात पहले की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा। सरकार ने चांदी और अन्य प्रीसियस मेटल्स पर भी ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया है।
UAE से आने वाले गोल्ड पर भी असर
सरकार ने UAE से तय कोटा के तहत रियायती दर पर आने वाले गोल्ड पर भी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। अब तक भारत-UAE व्यापार समझौते के तहत सीमित मात्रा में सोना कम ड्यूटी पर आयात किया जाता था। नए बदलाव के बाद उस राहत का फायदा भी कम हो सकता है।
जुलाई 2024 में घटाई गई थी ड्यूटी
दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने गोल्ड पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% कर दी थी। उस समय:
- BCD को 10% से घटाकर 5%
- AIDC को 5% से घटाकर 1%
किया गया था।
सरकार के उस फैसले को ज्वेलरी इंडस्ट्री और कारोबारियों के लिए बड़ी राहत माना गया था। लेकिन अब फिर से ड्यूटी बढ़ने से बाजार में नई चिंता पैदा हो गई है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- ज्वेलरी महंगी हो सकती है
- शादी सीजन में सोने की मांग प्रभावित हो सकती है
- गोल्ड इंपोर्ट कम हो सकता है
- घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं
- ज्वेलरी कारोबारियों की लागत बढ़ेगी
भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्टर्स में शामिल है। ऐसे में इंपोर्ट ड्यूटी में मामूली बदलाव भी सीधे बाजार और उपभोक्ताओं पर असर डालता है।
सरकार क्यों उठा रही है यह कदम?
आर्थिक जानकारों का मानना है कि सरकार:
- बढ़ते गोल्ड इंपोर्ट को नियंत्रित करना चाहती है
- चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) कम रखना चाहती है
- विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना चाहती है
- घरेलू आर्थिक संतुलन बनाए रखना चाहती है
हालांकि, सरकार की ओर से इस फैसले के पीछे विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
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