रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
- बूढ़ापारा निवासी कारोबारी से ई-व्हीकल एजेंसी दिलाने का झांसा
- 2023 में चेक के जरिए 42.50 लाख रुपए लिए गए
- दो साल बाद सिर्फ 14.50 लाख लौटाए, न एजेंसी मिली न वाहन
- कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की
एजेंसी दिलाने का भरोसा, भरोसे की आड़ में ठगी
राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा इलाके में ई-व्हीकल की एजेंसी दिलाने के नाम पर 42.50 लाख रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस के अनुसार, बूढ़ापारा निवासी रूपेश कुमार सोनी वर्ष 2023 में ई-व्हीकल के कारोबार की संभावनाएं तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके पड़ोसी पंकज कुमार जैन (कोचर) ने उन्हें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की एजेंसी दिलाने का प्रस्ताव दिया और सागर प्रकाश शिल्के से मिलवाया। सागर ने खुद को एक इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बताते हुए एजेंसी दिलाने का भरोसा दिलाया, जिस पर पीड़ित ने विश्वास कर लिया।
42.50 लाख लिए, शो-रूम भी खुलवाया
आरोप है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर 22 मई 2023 से 12 अक्टूबर 2023 के बीच रूपेश से उसके दो बैंकों के चेकों के जरिए कुल 42 लाख 50 हजार रुपए ले लिए। रकम लेने के बाद आरोपियों ने शो-रूम के लिए जगह तलाशने को कहा। उनके कहने पर पीड़ित ने संतोषीनगर, पुराना धमतरी रोड पर 30 हजार रुपए मासिक किराए पर दुकान ली और इलेक्ट्रिक वाहन शो-रूम तैयार कराया, जिस पर अलग से लाखों रुपए खर्च किए गए। लंबे समय तक एजेंसी न मिलने पर दबाव बनाने पर आरोपियों ने करीब दो साल बाद किश्तों में केवल 14.50 लाख रुपए लौटाए और शेष रकम वाहन प्रमोशन में खर्च होने की बात कहकर टालते रहे।
फर्जी पता निकला, पुलिस ने दर्ज किया अपराध
जब एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी न एजेंसी मिली और न ही वाहनों की सप्लाई हुई, तो रूपेश को शक हुआ। सागर प्रकाश शिल्के के बताए गए पते पर संपर्क करने पर वह पता फर्जी निकला। इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।


