रायपुर/छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने 26 जनवरी 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य की सभी मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों के मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के अनुसार यह पहल संविधान सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के संदेश को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संविधान और राष्ट्रीय एकता के सम्मान का आह्वान
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यौमे जम्हूरिया (गणतंत्र दिवस) देश के संविधान, लोकतंत्र और संप्रभुता का प्रतीक है। इसी भावना के तहत 26 जनवरी 2026 को राज्यभर की सभी वक्फ संपत्तियों—मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों—के मुख्य द्वार पर तिरंगा फहराया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि यह पहल समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करेगी और विविधता में एकता की भावना को आगे बढ़ाएगी।
देशभक्ति और भाईचारे का प्रतीक: डॉ. सलीम राज
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा, “गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी पर्व नहीं, बल्कि देश की आत्मा—संविधान—का उत्सव है। तिरंगा फहराना देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे का प्रतीक है।” उन्होंने सभी प्रबंधकों और धर्मगुरुओं से अपील की कि इस अवसर को सकारात्मक संदेश के साथ मनाया जाए, ताकि समाज में सौहार्द और विश्वास की भावना और प्रगाढ़ हो।
सूफी-संतों की परंपरा और गंगा-जमुना तहज़ीब की झलक
डॉ. सलीम राज ने यह भी कहा कि भारत सूफी-संतों की परंपरा और गंगा-जमुना तहज़ीब का देश है, जहां हर धर्म और समुदाय ने देश की एकता को मजबूती दी है। “इस्लाम भी मुल्क से मोहब्बत और अमन का पैगाम देता है। गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण कर हम संविधान के प्रति अपने कर्तव्य और देश के प्रति प्रेम को अभिव्यक्त करते हैं,” उन्होंने कहा।
ख़बरें और भी…


