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Thursday, February 12, 2026

भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रवाना: हावड़ा–गुवाहाटी रूट पर तेज, सुरक्षित और आरामदायक रात का सफर…

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हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच शुरू हुई देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन • 958 किमी की दूरी 14 घंटे में तय करेगी • 16 कोच, प्रीमियम स्लीपर सुविधाएं • ‘कवच’ सिस्टम और आधुनिक स्वास्थ्य-सुरक्षा तकनीक से लैस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और 958 किलोमीटर का सफर महज 14 घंटे में पूरा करेगी। अभी तक इसी रूट पर ट्रेनों को यह दूरी तय करने में औसतन 17 घंटे लगते थे। समय की यह बचत पूर्वोत्तर भारत के रेल संपर्क को और मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और यात्रियों की सुविधा को नई गति देगी।

कोच संरचना, किराया और यात्री वर्ग:
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच रखे गए हैं, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल है। किराया प्रीमियम श्रेणी में रखा गया है, जो राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से थोड़ा अधिक है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का अनुमानित किराया लगभग 2,300 रुपये है। यह व्यवस्था उन यात्रियों को ध्यान में रखकर की गई है, जो तेज रफ्तार के साथ आरामदायक और सुव्यवस्थित रात का सफर चाहते हैं।

स्लीपर वर्जन से बदलेगा लंबी दूरी का अनुभव:
अब तक वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयरकार कॉन्फ़िगरेशन में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर संस्करण की शुरुआत भारतीय रेलवे के लिए एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है। लंबी दूरी की रात की यात्राओं में यह ट्रेन समय, सुविधा और सुरक्षा—तीनों के स्तर को ऊपर ले जाने का दावा करती है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के लिए यह बदलाव यात्रियों के अनुभव को नई दिशा देगा।

आधुनिक इंटीरियर और भारतीय प्रेरणा:
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का इंटीरियर भारतीय संस्कृति से प्रेरित है। कोच का डिज़ाइन, लाइटिंग और बर्थ की बनावट इस तरह तैयार की गई है कि लंबा सफर थकान भरा न लगे। एर्गोनोमिक बर्थ और बेहतर कुशनिंग से यात्रियों को आरामदायक नींद का अनुभव मिलेगा, जबकि शोर कम करने वाली तकनीक रात की यात्रा को शांत और सुकूनभरी बनाए रखेगी।

स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान:
ट्रेन में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसमें डिसइंफेक्टेंट और यूवीसी तकनीक का उपयोग किया गया है, जो कोच की हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को कम करने में सहायक है। यह सिस्टम हवा को फिल्टर कर साफ करता है और ताजी हवा अंदर पहुंचाता है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और ‘कवच’ सिस्टम:
सुरक्षा के लिहाज से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो सिग्नल और गति पर लगातार नजर रखता है और दुर्घटनाओं की आशंका को काफी हद तक कम करता है। साथ ही, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट की सुविधा भी दी गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं।

रफ्तार, सेवाएं और प्रीमियम अनुभव:
इस ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि नियमित संचालन के दौरान यह लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। यात्रियों को प्रीमियम बेडरोल, उच्च गुणवत्ता के कंबल और कैटरिंग सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। आधुनिक लुक, तेज गति और उन्नत सुविधाओं के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल यात्रा के अनुभव को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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