स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
• नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी में आयोजित हुई प्रभावशाली यूथ पार्लियामेंट
• डॉ. रमन सिंह ने युवाओं के आत्मविश्वास और अनुशासन की सराहना की
• लोकहित के मुद्दों पर गंभीर और मर्यादित चर्चा
• सीख, सेवा और साहस से भरा रहा जंबूरी का तीसरा दिन
नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी के तीसरे दिन
बालोद जिले के ग्राम दुधली में लोकतंत्र की एक प्रेरक तस्वीर देखने को मिली, जब जंबूरी परिसर यूथ पार्लियामेंट के जरिए वास्तविक संसद जैसा मंच बन गया। इस विशेष सत्र में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संसद अध्यक्ष की भूमिका निभाई, जबकि रोवर–रेंजर बच्चों ने सांसद बनकर लोकहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। जिस आत्मविश्वास, विषय की समझ और संसदीय मर्यादा के साथ युवाओं ने अपनी भूमिका निभाई, उसने दर्शकों को यह एहसास कराया कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। यह आयोजन केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि भावी नेतृत्व को गढ़ने की दिशा में एक मजबूत कदम नजर आया।
डॉ. रमन सिंह ने यूथ पार्लियामेंट की सराहना करते हुए कहा
कि रोवर–रेंजरों का अनुशासन और आत्मविश्वास देश के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाता है। उन्होंने कहा कि आज के युवा ही कल के जनप्रतिनिधि हैं और इन्हीं के कंधों पर हमारी लोकतांत्रिक विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रोवर–रेंजर आने वाले भारत की मजबूत नींव हैं। इस अवसर पर भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्काउट–गाइड और आम नागरिक उपस्थित रहे।

जंबूरी का तीसरा दिन सीख, सेवा और साहस से भरपूर रहा
सुबह फ्लैग सेरेमनी, शारीरिक जांच और अनुशासन गतिविधियों के साथ दिन की शुरुआत हुई। डॉग शो, मार्च पास्ट, स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में युवाओं ने सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। आदिवासी संस्कृति की झलक पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, लोकवाद्य और नृत्य के माध्यम से देखने को मिली, वहीं हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियों ने युवाओं के उत्साह को नई ऊंचाई दी। आपदा प्रबंधन, ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज, वृक्षारोपण, नाइट हाईक और इंटरनेशनल नाइट जैसे आयोजनों ने जंबूरी को न केवल शैक्षणिक बल्कि मानवीय और सांस्कृतिक दृष्टि से भी समृद्ध बना दिया।


