भिलाई-दुर्ग/छत्तीसगढ़
भिलाई। स्टील सिटी दुर्ग-भिलाई के रुआबांधा क्षेत्र में स्थित खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि यह मैदान वर्षों से बच्चों के खेलने, सांस्कृतिक आयोजनों और सामुदायिक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में इस भूमि पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय प्रोजेक्ट विकसित किए जाने का वे विरोध कर रहे हैं। विरोध का नेतृत्व सर्व समाज संस्था और रुआबांधा विकास एवं जनकल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि साल 1998 से इस भूखंड पर पट्टा दिया गया है, साथ ही यहां रहने वालों को बिजली, पानी, सड़क और नाली की सुविधा भी उपलब्ध है। हितग्राहियों ने तीस वर्षीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ और संपत्ति कर सहित अन्य कर भी नगर निगम भिलाई एवं रिसाली को चुकाए हैं। इसके बावजूद वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा कथित रूप से इस भूमि का क्रय किया जाना विवाद का विषय बना हुआ है। भाजापा पार्षद सारिका साहू ने कहा कि यह जमीन बीएसपी के अधीन है और भूमि हस्तांतरण का अधिकार केवल राज्य सरकार के पास है, इसलिए इस प्रोजेक्ट पर पुनर्विचार होना चाहिए।
रहवासियों ने नगर निगम भिलाई को लिखित में आपत्ति दर्ज कराई है और मैदान की घेराबंदी का विरोध करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यह मैदान दशकों से क्रिकेट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दशहरा उत्सव जैसे आयोजनों का केंद्र रहा है। साथ ही मैदान में स्थित मंदिर और साप्ताहिक बाजार भी स्थानीय लोगों की आस्था और सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए हैं। इसलिए इस मैदान पर किसी भी तरह के निर्माण को रोका जाए।
बीजेपी पार्षद सारिका साहू ने बताया कि इस भूमि उपयोग को लेकर मामला वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद गृह निर्माण मंडल द्वारा घेराबंदी की जा रही है, जो उचित नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को न्याय मिल सके और खेल मैदान सुरक्षित रह सके।
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