भिलाई/छत्तीसगढ़
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य (चेतन) बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल देखने को मिला। जमानत के फैसले के बाद परिवार के सदस्यों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर खुशियां मनाईं। इस दौरान पटाखे फोड़े गए और समर्थकों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। चैतन्य बघेल को ईडी और एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज शराब घोटाले से जुड़े मामलों में करीब 168 दिन जेल में रहने के बाद राहत मिली है।
जमानत मिलने के बाद भिलाई में मीडिया से बातचीत करते हुए चैतन्य बघेल ने कहा कि वह अपने बेटे के जन्मदिन के दिन घर लौटकर बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि जेल में उन्हें अलग सेल में रखा गया था, जिसके कारण किसी से मिलना संभव नहीं था। इस दौरान उनका अधिकांश समय पढ़ाई में बीता। उन्होंने कहा कि भगवान और अपने वकीलों का शुक्रगुजार हूं कि मुझे इतनी जल्दी जमानत मिल पाई।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया और व्यवसायी अनवर ढेबर सहित कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं। चैतन्य बघेल पर कमीशन लेने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे।
अपने बेटे को जमानत मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह सत्य की जीत है। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता। साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इतने बड़े राजनीतिक हमलों के बावजूद उनके समर्थकों का भरोसा बना हुआ है और बेटे को न्याय मिला है।
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