रायपुर/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स
नए साल की रात रायपुर के पॉश होटल कोटयार्ड मैरियट में मामूली धक्का बड़ी हिंसा में तब्दील हो गया। आधी रात के बाद डांस स्टेज पर शुरू हुई बहस ने देखते ही देखते मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों का रूप ले लिया। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर 8–10 से अधिक आरोपी भाग निकले। दो आरोपियों को होटल स्टाफ ने पहचान लिया, जिन पर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
डांस स्टेज पर धक्का बना हिंसा की चिंगारी
रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल कोटयार्ड मैरियट में न्यू ईयर कार्यक्रम के दौरान रात करीब 12:45 बजे डांस स्टेज पर नाच-गाने के बीच धक्का लगने की बात को लेकर दो गुटों में कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद पहले तीखी बहस तक सीमित था, लेकिन जल्द ही यह मारपीट में बदल गया। होटल के अंदर का माहौल कुछ ही मिनटों में अफरातफरी और चीख-पुकार से भर गया, जिससे जश्न में शामिल लोग सहम गए। नए साल का उल्लास क्षणभर में भय और अव्यवस्था में तब्दील हो गया। कई मेहमानों ने इस घटना को ‘भीड़ की आड़ में उभरी अराजकता’ करार दिया, जो शहर की नाइटलाइफ़ सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस की पेट्रोलिंग ने संभाला मोर्चा, पर आरोपी भागे
तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि रात 12:45 बजे पुलिस को मारपीट की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। होटल में दोनों पक्ष गाली-गलौज करते हुए एक-दूसरे पर हमलावर थे और जान से मारने की धमकियां भी दे रहे थे। पुलिस ने बिना देर किए हस्तक्षेप कर दोनों गुटों को अलग किया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। हालांकि, भारी भीड़ के कारण झगड़े में शामिल 8 से 10 अन्य लोग भागने में सफल रहे। थाना प्रभारी ने कहा, “स्थिति काबू में आ गई थी, लेकिन आरोपियों की पूरी पहचान करना चुनौती बनी हुई है। जांच तेज़ी से जारी है, जल्द ही अन्य की भी शिनाख्त कर कार्रवाई होगी।” यह बयान पुलिस की तत्परता के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक आयोजनों की निगरानी की खामियों की ओर भी संकेत करता है।
पुराने स्टाफ की सूझबूझ से दो नाम उजागर, जांच जारी
तेलीबांधा थाने में पदस्थ आरक्षक जानकीशरण चंद्रवंशी ने बताया कि वे पेट्रोलिंग ड्यूटी पर थे, और होटल पहुंचने पर पुराने स्टाफ होने के कारण उन्होंने झगड़े में शामिल लोगों में से दिनेश डोडवानी (श्याम नगर) और दिलीप अंदानी (महावीर नगर) को पहचान लिया। बाकी 8–10 आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होटल परिसर में हुई यह हिंसा राजधानी के प्रीमियम सार्वजनिक स्थलों में सुरक्षा मानकों, निजी आयोजनों में प्रवेश नियंत्रण, और शराब-जनित विवादों की रोकथाम पर नई बहस को जन्म दे रही है। शहर के नागरिकों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर कठोर, तेज़ और पारदर्शी कार्रवाई ही सार्वजनिक विश्वास बहाल कर सकती है।


