रायपुर / छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन कार्ड सदस्यों के ई-केवाईसी का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राज्य में कुल 82.18 लाख राशन कार्ड पंजीकृत हैं, जिनसे 2.73 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2.3 करोड़ यानी 85% सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 30.32 लाख (करीब 15%) सदस्य अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वास्तविक हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है, लेकिन शेष सदस्यों की केवाईसी लंबित रहने से भविष्य में राशन वितरण प्रभावित हो सकता है।
ई-केवाईसी न होने पर राशन में आ सकती है बाधा
विभागीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन राशन कार्ड सदस्यों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, उन्हें आने वाले महीनों में राशन प्राप्त करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने कहा, “ई-केवाईसी का उद्देश्य अपात्रों को हटाकर वास्तविक हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करना है। जिनकी केवाईसी लंबित है, उन्हें समय रहते इसे पूरा कर लेना चाहिए, अन्यथा राशन वितरण प्रणाली में रुकावट आ सकती है।” विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द यह अनिवार्य प्रक्रिया पूरी कर लें।
14,040 दुकानों और ऐप से उपलब्ध है सुविधा
राज्य में संचालित सभी 14,040 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में लगी ई-पास मशीन (ई-पास/ई-पॉस) के माध्यम से ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा जारी ‘मेरा ई-केवाईसी’ ऐप से भी यह प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकती है। खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत 73 लाख से अधिक प्राथमिकता वाले परिवारों को नि:शुल्क चावल दिया जा रहा है, जबकि गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) श्रेणी के लगभग 8.5 लाख परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग ने बताया कि 2.73 करोड़ लोग पहले ही खाद्य सुरक्षा के दायरे में शामिल हैं और नियमित रूप से उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन शेष 15% सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी होते ही वितरण व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व त्रुटिरहित हो जाएगी।
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