रायगढ़ / छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नए साल 2026 के स्वागत को लेकर शहरवासी पहले से पूरी तरह तैयार दिखे। 2025 की विदाई और 2026 के आगमन के संगम को शहर ने उल्लास, भीड़ और उमंग के साथ जिया। मंगलवार शाम से ही श्याम टॉकीज रोड, स्टेशन रोड, शहीद चौक और प्रमुख बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी थी। जैसे ही घड़ी की सुइयां रात 12 बजे मिलीं, लोगों ने घरों, दुकानों और मोहल्लों में केक काटकर नए साल का स्वागत किया। शहर की बेकरी और डेयरी दुकानों के बाहर सजे केक स्टॉल पर शाम ढलते ही ग्राहकों की लंबी कतारें लग गईं। 200 से 500 रुपये तक के केक की मांग सबसे अधिक रही। परिवार और दोस्तों के साथ केक काटकर जश्न मनाना शहर में इस बार भी सबसे लोकप्रिय उत्सव शैली बनकर उभरा।
केक के साथ-साथ बैलून भी नए साल की रौनक का अहम हिस्सा बने। बच्चों और सजावट के लिए रंग-बिरंगे बैलून की जमकर खरीदारी हुई। श्याम टॉकीज रोड से लेकर चक्रधर नगर चौक और कमला नेहरू पार्क के आसपास गुब्बारों की दुकानों पर भी देर रात तक भीड़ लगी रही। बाजार में अलग-अलग फ्लेवर, डिजाइन और रंग संयोजन वाले बैलून लोगों को आकर्षित करते रहे। इसी बीच, नए साल की सुबह शहर ने आध्यात्मिक रंग में डूबकर शुरुआत की। शुभ कार्यों से वर्ष की शुरुआत की परंपरा को निभाते हुए श्रद्धालु सुबह से ही गौरीशंकर मंदिर, दुर्गा मंदिर और बूढ़ी माई मंदिर पहुंचे। लोगों ने पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और बीते साल की तुलना में बेहतर भविष्य की कामना की। मंदिर परिसरों में भी श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह स्पष्ट महसूस किया गया।
नए साल की भीड़ और जश्न के बीच शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी मुस्तैदी से संचालित हुई। डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मुताबिक 31 दिसंबर की शाम से ही सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। शहर के चार थानों की 8 पेट्रोलिंग गाड़ियों ने लगातार गश्त की, जबकि 2 राजपत्रित अधिकारियों ने विशेष निगरानी रखी। रात के समय ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ के खिलाफ विशेष जांच अभियान भी चलाया गया, जिसमें संदिग्ध वाहनों और चालकों की सघन जांच की गई। पुलिस की सतर्कता और त्वरित पेट्रोलिंग के कारण शहर में जश्न शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। रायगढ़ ने इस बार भी नए साल का स्वागत उत्साह, व्यापारिक रौनक, आध्यात्मिक आस्था और कड़ी सुरक्षा के संतुलन के साथ किया।
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