20.4 C
Raipur
Thursday, February 12, 2026

जब अस्पताल में मशीनें ही नहीं: प्रदेश के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जांच सुविधाओं का गहराता संकट…

HomeChhattisgarhजब अस्पताल में मशीनें ही नहीं: प्रदेश के जिला अस्पतालों और मेडिकल...

Date:

बिलासपुर/छत्तीसगढ़

हाइलाइट बॉक्स:
प्रदेश के कई सरकारी अस्पताल आज भी बुनियादी जांच सुविधाओं से वंचित हैं। आईसीयू, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी ने आम मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर होने के लिए मजबूर कर दिया है।

जिला अस्पतालों में आईसीयू और सीटी स्कैन का अभाव
प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की जमीनी हकीकत चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। राज्य के 9 जिला अस्पतालों में आज तक आईसीयू सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है, जबकि 12 जिला चिकित्सालय ऐसे हैं जहां सीटी स्कैन मशीन ही नहीं है। गंभीर मरीजों को जांच के लिए रायपुर या बिलासपुर रेफर किया जा रहा है। कई मामलों में समय पर जांच और इलाज न मिलने से मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। मजबूरी में परिजन निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों का रुख करते हैं, जहां महंगा इलाज उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर देता है।

मेडिकल कॉलेजों की भी स्थिति संतोषजनक नहीं
सिर्फ जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की स्थिति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। 10 मेडिकल कॉलेजों में से 6 में एमआरआई मशीन उपलब्ध नहीं है और 3 मेडिकल कॉलेजों में सीटी स्कैन की सुविधा ही नहीं है। महासमुंद और दुर्ग मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल आईसीयू तक की व्यवस्था नहीं है। जगदलपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, कोरबा, महासमुंद और दुर्ग ऐसे मेडिकल कॉलेज हैं, जहां एक भी एमआरआई मशीन नहीं है। वहीं कोरबा, महासमुंद और दुर्ग में सीटी स्कैन की सुविधा न होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

सोनोग्राफी और स्टाफ की कमी ने बढ़ाई परेशानी
हालांकि अधिकांश अस्पतालों में सोनोग्राफी मशीनें मौजूद हैं, लेकिन कई जगह वे महीनों से बंद पड़ी हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स में 4 सोनोग्राफी मशीनें हैं, जिनमें से केवल 2 ही चालू हैं। रेडियोलॉजी विभाग में स्टाफ की भारी कमी है—सिर्फ दो रेडियोलॉजिस्ट पदस्थ हैं, जिनमें एक नियमित और एक बांड पर है। इसी कारण एक्स-रे, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की रिपोर्ट के लिए मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में कुल 7 सीटी स्कैन, 4 एमआरआई और 45 सोनोग्राफी मशीनें ही उपलब्ध हैं, जो जरूरत के मुकाबले नाकाफी हैं। संसाधनों और विशेषज्ञों की इस कमी का सीधा असर आम मरीज पर पड़ रहा है, जबकि निजी अस्पताल इस मजबूरी से लाभ कमा रहे हैं।

ख़बरें और भी…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

मंत्रालय में साय कैबिनेट की अहम बैठक, जनकल्याण और विकास एजेंडा पर हुई विस्तृत चर्चा…

रायपुर/छत्तीसगढ़ मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में रणनीतिक...