रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
आरंग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूटी सवार एक आरोपी को 5 किलो अवैध गांजा, दो संरक्षित मॉनिटर लिजर्ड (गोह) और 1,27,260 रुपये नकद के साथ पकड़ा है। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 3.77 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
सूचना के आधार पर सटीक कार्रवाई
रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक स्कूटी से गांजा लेकर इलाके में खपाने की फिराक में है। थाना प्रभारी हरीश साहू के नेतृत्व में इंदिरा चौक के पास घेराबंदी की गई। इस दौरान संदिग्ध रूप से स्कूटी चला रहे व्यक्ति को रोका गया और तलाशी ली गई। तलाशी में 5 किलो अवैध गांजा (अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये), 1,27,260 रुपये नकद और स्कूटी से दो जीवित मॉनिटर लिजर्ड (गोह) बरामद हुईं। मौके पर ही गांजा, नकदी और वाहन को जब्त कर लिया गया।

आपराधिक इतिहास और कानूनी शिकंजा
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हुकूमत साहू (37), निवासी तेलीबांधा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से हत्या, मारपीट सहित करीब 15 आपराधिक प्रकरण विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इस बार आरोपी पर NDPS एक्ट के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नशे और वन्यजीव तस्करी का यह नेटवर्क किन-किन लोगों से जुड़ा है।
संरक्षित प्रजाति है गोह, नुकसान पहुंचाना अपराध
मॉनिटर लिजर्ड, जिसे आमतौर पर गोह कहा जाता है, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है और CITES की एपेंडिक्स-1 सूची में भी आती है, जहां अंतरराष्ट्रीय व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। विशेषज्ञों के अनुसार गोह को लेकर यह भ्रम है कि वह जहरीली होती है, जबकि वास्तव में वह मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाती। खेतों और खुले इलाकों में पाई जाने वाली यह प्रजाति पारिस्थितिकी संतुलन में अहम भूमिका निभाती है। इसे नुकसान पहुंचाना, पकड़ना या इसके अंगों का व्यापार करना गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है।


