रायगढ़/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
रायगढ़ जिले के बंगुरसिया इलाके में शुक्रवार देर रात एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जब 32 हाथियों के झुंड के साथ तालाब में नहाने गया एक नन्हा शावक गहरे पानी में डूब गया। घंटों तक चली हाथियों की चिंघाड़ ने ग्रामीणों और वन अमले को मौके तक खींच लाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना का मार्मिक विवरण
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत बंगुरसिया सर्किल में शुक्रवार देर रात हाथियों के एक बड़े झुंड के साथ यह हादसा हुआ। बताया गया कि करीब 32 हाथियों का दल जंगल से निकलकर बड़झरिया तालाब में नहाने पहुंचा था। इसी दौरान झुंड के साथ मौजूद एक छोटा शावक अचानक गहरे पानी में चला गया और बाहर नहीं निकल सका। काफी देर तक जब शावक नजर नहीं आया, तो अन्य हाथियों ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर पूरा झुंड जोर-जोर से चिंघाड़ने लगा, जिससे पूरे इलाके में दहशत और करुणा का माहौल बन गया।
वन अमला और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
हाथियों की लगातार चिंघाड़ सुनकर आसपास के ग्रामीण और वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। स्थिति को भांपते हुए पहले हाथियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। इसके बाद शावक के मृत होने की पुष्टि हुई। रात अधिक होने के कारण तत्काल आगे की प्रक्रिया संभव नहीं हो सकी, इसलिए पूरे क्षेत्र में रातभर निगरानी रखी गई। शनिवार सुबह शावक के शव को तालाब से बाहर निकालकर इंद्राविहार लाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की जा रही है। दृश्य इतना भावुक था कि मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
लगातार विचरण और प्रशासन की निगरानी
गौरतलब है कि बंगुरसिया सर्किल में 32 से अधिक हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से सक्रिय है और हाल ही में यह दल धान खरीदी केंद्र तक पहुंच गया था, जहां फसलों को नुकसान हुआ। वन विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। वन विभाग के एसडीओ मनमोहन मिश्रा ने कहा, “हाथियों का दल नहाने के लिए तालाब पहुंचा था। उसी दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण पूरी तरह स्पष्ट हो पाएंगे।” फिलहाल वन विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।


