रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में OTP आधारित सत्यापन लागू करने का निर्णय लिया है । यह नई व्यवस्था 18 दिसंबर 2025 से चुनिंदा ट्रेनों में PRS काउंटरों पर प्रभावी होगी ।
OTP आधारित व्यवस्था से फर्जी बुकिंग पर लगेगी रोक, यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब पीआरएस (Passenger Reservation System) काउंटर से तत्काल टिकट बुक कराने के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) अनिवार्य कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 18 दिसंबर 2025 से लागू की जा रही है, जिससे तत्काल टिकटों में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
कैसे काम करेगी OTP आधारित तत्काल टिकट प्रणाली
रेलवे के अनुसार, तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा। जब तक यह OTP पीआरएस काउंटर पर दर्ज नहीं किया जाएगा, तब तक टिकट जारी नहीं होगा। इस प्रक्रिया से फर्जी बुकिंग, दलालों, बॉट्स और अनधिकृत सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग पर रोक लगेगी। साथ ही, वास्तविक और जरूरतमंद यात्रियों को तत्काल टिकट मिलने की संभावना पहले से कहीं अधिक बढ़ेगी।
शुरुआत में इन 6 ट्रेनों पर लागू होगी व्यवस्था
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह प्रणाली दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से प्रारंभ होने वाली 6 ट्रेनों में लागू की जा रही है। इनमें शामिल हैं—
20423 पातालकोट एक्सप्रेस, 12853 अमरकंटक एक्सप्रेस, 18234 नर्मदा एक्सप्रेस, 19344 पंचवेली एक्सप्रेस, 18241 दुर्ग–अंबिकापुर एक्सप्रेस और 18242 अंबिकापुर–दुर्ग एक्सप्रेस। यात्रियों के अनुभव और प्रतिक्रिया के आधार पर भविष्य में इसे अन्य ट्रेनों तक विस्तारित किया जा सकता है।
मंडलों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने सभी मंडलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पीआरएस काउंटरों पर तकनीकी और स्टाफ स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह पहल सुरक्षित, सरल और भरोसेमंद टिकटिंग प्रणाली की दिशा में एक ठोस कदम है, जो यात्रियों के भरोसे को और मजबूत करेगी।


