रायपुर /छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर छत्तीसगढ़ में सक्रिय शीतलहर के कारण सरगुजा संभाग सबसे अधिक प्रभावित है, जहां तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में फिलहाल ठंड से राहत के कोई संकेत नहीं हैं और अगले पांच दिनों तक मौसम में विशेष बदलाव की संभावना कम है।
सरगुजा संभाग में शीतलहर और नमी के कारण घना कोहरा छाया हुआ है। कई इलाकों में सड़कों पर दृश्यता घटकर महज 20 मीटर तक रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है और वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में भी कोहरे का असर बना रह सकता है। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है, जबकि पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शीतलहर का असर अब मैदानी और ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। सर्द हवाओं के चलते शाम होते ही सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है और लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। कोहरे के कारण तेज धूप नहीं निकल पा रही, जिससे लोगों को दिन-रात गर्म कपड़ों में रहना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि अगले एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक गिर सकता है।
राजधानी रायपुर और दुर्ग संभाग में भी सुबह और शाम के समय तेज ठंड का अहसास हो रहा है। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ देर के लिए राहत मिल जाती है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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