नई दिल्ली
हाइलाइट : सेमेस्टर-एंड परीक्षाओं के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के कई केंद्रों पर प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंचे। सुबह के सत्र में करीब 800 प्रश्नपत्र भेजे जाने थे, लेकिन व्यवस्था संबंधी खामियों के चलते कई जगह परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी। छात्रों को घंटों परीक्षा हॉल में इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।
दिल्ली विश्वविद्यालय में चल रही सेमेस्टर-एंड परीक्षाओं के दौरान सोमवार को बड़ा अव्यवस्था का मामला सामने आया, जब कई परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र तय समय पर नहीं पहुंचे। छात्र सुबह से परीक्षा हॉल में बैठे रहे, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। कुछ केंद्रों पर छात्रों ने लंबे इंतजार और अनिश्चितता को लेकर नाराजगी जताई और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्य में इस तरह की लापरवाही उनके मानसिक तनाव को बढ़ाती है और भविष्य को लेकर असमंजस पैदा करती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाद में एक आधिकारिक नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट की। परीक्षा नियंत्रक गुरप्रीत सिंह तुतेजा ने बताया कि सुबह के सत्र के लिए लगभग 800 प्रश्नपत्र भेजे जाने थे, लेकिन वितरण से जुड़ी कुछ तकनीकी और व्यवस्था संबंधी दिक्कतों के कारण सभी प्रश्नपत्र समय पर केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। समस्या की पहचान के बाद प्रश्नपत्र तुरंत भेजे गए और कई स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
प्रशासन ने छात्रों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए व्यवस्था में हुई खामियों को स्वीकार किया है। विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि जिन परीक्षाओं पर इस अव्यवस्था का असर पड़ा है, उनके लिए संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए परीक्षा संचालन प्रणाली की समीक्षा की जा रही है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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