बैकुंठपुर/छत्तीसगढ़
कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने गुरुवार को गांजा तस्करी के गंभीर मामले में दो आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 2-2 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामला लगभग एक साल पुराना है, जिसमें दोनों आरोपी मध्यप्रदेश से लग्जरी कार की डिक्की में गांजा भरकर आपूर्ति करने के लिए निकले थे। लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते तस्करी की यह कोशिश असफल हो गई।
घटना 9 दिसंबर 2024 की है, जब एमसीबी जिले के थाना केल्हारी पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली थी कि ग्राम माछीडांड़ निवासी संदीप शर्मा और उसका साथी राजू कोरी उर्फ राजू कबीर पंथी, ओडिशा के सुंदरगढ़ से गांजा लेकर कठौतिया होते हुए केल्हारी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी ने तुरंत टीम गठित की और माछीडांड़ पुल के पास मेन रोड पर घेराबंदी कर दी। कुछ समय बाद पुलिस ने एक सफेद रंग की कार (एमपी 04 सीएल 1030) को रोककर तलाशी ली। डिक्की में रखी तीन पीली बोरियों में कुल 56 पैकेट गांजा बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपियों से कुल 5 लाख 60 हजार रुपये मूल्य का गांजा और 7 लाख रुपये की लग्जरी कार जब्त की। इस प्रकार कुल 12 लाख 60 हजार रुपये का माल जब्त किया गया। दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि बरामद गांजा अजयगढ़ (पन्ना, मध्यप्रदेश) में बिक्री के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
विशेष न्यायालय एनडीपीएस, बैकुंठपुर ने उपलब्ध सबूतों, जब्ती कार्रवाई और पुलिस के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(द्वितीय)(सी) के तहत दोषी पाया। अदालत ने दोनों को 15-15 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई और 2-2 लाख रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया। यह फैसला नशा तस्करी के खिलाफ सख्त न्यायिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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