दुर्ग/भिलाई
भिलाई के मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की अचानक मौत ने सभी को चौंका दिया । पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में गंभीर इंफेक्शन का खुलासा हुआ है । घटना को संदिग्ध मानते हुए जू प्रशासन ने वन विभाग को रिपोर्ट भेज दी है ।
भिलाई । मैत्री बाग में फीमेल टाइगर जया की मौत ने पूरे इलाके में दुख और चिंता का माहौल बना दिया है । शनिवार सुबह जब कर्मचारी रोज़ की तरह बाड़े का गेट खोलने पहुंचे , तो जया के बाड़े के पास असामान्य सन्नाटा था । शक होने पर कर्मचारियों ने भीतर झांककर देखा तो बाघिन जमीन पर मृत हालत में पड़ी थी और उसके शरीर पर मक्खियां बैठी थीं । तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई ।
अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बाद पुष्टि हुई कि बाघिन की मौत रात में ही हो चुकी थी । जया का पोस्टमार्टम वन विभाग की टीम और मैत्री बाग के अफसरों की मौजूदगी में किया गया । प्रभारी एन.के. जैन के मुताबिक , रिपोर्ट में जया के पेट में गंभीर इंफेक्शन पाया गया , जो मौत का मुख्य कारण है । उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी । जया को रायपुर के नंदनवन ज़ू से एक्सचेंज के तहत लाया गया था और वह मैत्री बाग के सफेद बाघ परिवार का हिस्सा रही थी । जया की मौत के बाद यहां सफेद बाघों की संख्या घटकर पाँच रह गई है ।
मैत्री बाग भिलाई का सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन माना जाता है , जहाँ बड़ी संख्या में परिवार , बच्चे और पर्यटक घूमने आते हैं । सर्दियों और नए साल के दौरान यहाँ भीड़ सबसे ज़्यादा रहती है , ऐसे में बाघिन की मौत ने स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों को निराश किया है । सोवियत संघ और भारत की दोस्ती का प्रतीक यह पार्क सफेद बाघों , पक्षियों , टॉय ट्रेन , कृत्रिम झील और म्यूजिकल फाउंटेन के लिए प्रसिद्ध है । जू प्रबंधन साल भर जानवरों के लिए कूलर , अलाव और मेडिकल चेकअप की व्यवस्था करता है । जया की मौत के बाद सुरक्षा और केयर सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं , जिनकी जांच वन विभाग करेगा ।
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