रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट: रायपुर में आज DGP–IGP सम्मेलन का आखिरी दिन है । सुबह से ही राजधानी में सुरक्षा और गतिविधियों की हलचल बढ़ गई है । गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है । AI आधारित पुलिसिंग से लेकर आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों तक , आज के सत्र कई बड़े फैसलों की दिशा तय कर सकते हैं ।
रायपुर में सुरक्षा और प्रशासनिक गतिविधि चरम पर रायपुर आज सुबह से ही प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है । तय कार्यक्रम के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह सुबह साढ़े 7 बजे IIM रायपुर पहुँचे । इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन 835 से 840 बजे के बीच निर्धारित है । दोनों दिग्गज नेताओं के आने से राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं ।
सुबह का कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित रखा गया है । पीएम के पहुँचने के बाद डेलीगेट्स और इनवाइटीज़ के साथ समूह फोटो सेशन होगा , जो सम्मेलन के औपचारिक समापन दिवस को और अधिक विशेष बनाता है । प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार , “यह सम्मेलन देशभर में पुलिसिंग की नई दिशा तय करने का एक अहम मंच है ।”
ब्रेकफास्ट और पहला औपचारिक सत्र समूह फोटो के बाद 8.50 से 9.50 तक ब्रेकफास्ट सेशन रखा गया है , जहाँ देशभर से आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आपसी चर्चाओं और विचार-विमर्श में हिस्सा ले रहे हैं । अधिकारियों का मानना है कि अनौपचारिक बातचीत भी कई महत्वपूर्ण रणनीतियों के सूत्र तय करने में मददगार साबित होती है ।
सम्मेलन की औपचारिक बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी । पहला सत्र 10 से 11 बजे तक आयोजित किया गया है । इस सत्र का मुख्य विषय है— ‘पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और नई चुनौतियाँ’ । विशेषज्ञों के अनुसार यह विषय आने वाले वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था का मूल स्तंभ बनने वाला है ।
AI आधारित पुलिसिंग पर होगी गहन चर्चा पहले सत्र में इस बात पर खास जोर दिया जाएगा कि किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अपराध नियंत्रण , डाटा विश्लेषण , निगरानी प्रणाली और रिसोर्स मैनेजमेंट में किया जा सकता है । एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया— “AI पुलिसिंग के भविष्य को पूरी तरह बदल सकता है । चुनौती सिर्फ तकनीक अपनाने की नहीं , बल्कि उसे प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत डेटा सुरक्षा के साथ लागू करने की है ।”
इस चर्चा में देशभर के DGP , IGP और शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना देती है । अधिकारियों के अनुसार , यह सत्र आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर पुलिसिंग में कई सुधारों का आधार बन सकता है ।
सम्मेलन से मिलने वाली संभावित दिशा विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन में ऐसी रूपरेखा तय हो सकती है जो आने वाले समय में आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा स्पष्ट करे । ड्रोन सर्विलांस , स्मार्ट सिटी इंटिग्रेशन , AI आधारित प्रेडिक्टिव पुलिसिंग और सायबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श की संभावना है ।
एक सहभागी अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा— “देश की पुलिसिंग अब पुराने ढांचे से आगे निकल रही है । आज का सम्मेलन भविष्य की चुनौतियों को समझने और उनका समाधान खोजने का अवसर है ।”
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