रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ न्यूज़
हाइलाइट
• भाजपा नेताओं ने कहा—“जिन इलाकों में नेटवर्क ही नहीं , वहां मतदाता सूची कैसे पहुँचेगी ?” • बस्तर–सुकमा जैसे वनांचल क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन कार्य ठप बताया गया । • बीएलओ की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग—“वास्तविक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए , यही चिंता है ।”
बीएलओ की अनियमितताओं पर BJP ने जताई गंभीर चिंता , राज्य निर्वाचन पदाधिकारी से की मुलाकात भारतीय जनता पार्टी के एसआईआर प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व सांसद जामयांग नामग्याल ने शुक्रवार को खनिज निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह , प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा , एसआईआर प्रदेश कार्यालय प्रभारी मोहन पवार और वैभव वैष्णव के साथ राज्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर विस्तृत पत्र सौंपा । मुलाकात के दौरान नेताओं ने मतदाता सूची से जुड़े गंभीर मुद्दों को सामने रखा । उनका कहना था कि “वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क सुविधा ही नहीं है , ऐसे में ऑनलाइन सूची उपलब्ध कराना ही चुनौती बन गया है ।” इस बात पर उपस्थित अधिकारियों और नेताओं के बीच गहन चर्चा हुई ।
बस्तर-सुकमा जैसे क्षेत्रों में मतदाता सूची तक पहुंच ही संभव नहीं—नामग्याल जामयांग नामग्याल ने बताया कि बस्तर और सुकमा जैसे घने वन क्षेत्रों में टेलिफोनिक और इंटरनेट दोनों ही सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं । ऐसे में मतदाता सूची प्राप्त करना , फॉर्म भरना और उन्हें जमा करना ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन हो गया है । उन्होंने यह भी कहा कि कई पोलिंग बूथों पर फॉर्म जमा हो रहे हैं , लेकिन बीएलओ से अपेक्षित स्तर पर सहयोग नहीं मिल पा रहा है । “यदि आधारभूत सुविधा नहीं होगी तो ग्रामीण अपनी आवाज चुनाव तक कैसे पहुँचा पाएंगे ?” , नामग्याल ने चिंता जताई ।
पत्र में गंभीर आरोप—“बीएलओ घर-घर जाकर जांच नहीं कर रहे” भाजपा नेताओं ने अपने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया 4 नवंबर से चल रही है , लेकिन बूथ लेवल एजेंटों को अब तक पहचान पत्र नहीं दिया गया है । इससे कार्य प्रभावित हो रहा है । कई क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा । उनका दावा है कि पखवाड़े से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद बीएलओ अधिकांश घरों तक सत्यापन के लिए नहीं पहुँचे । “लोगों ने बताया कि बीएलओ सिर्फ एक जगह से फॉर्म बाँट रहे हैं , जबकि घर-घर जाकर सत्यापन होना चाहिए , ” भाजपा नेताओं ने शिकायत दर्ज की ।
“नियम उल्लंघन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं”—भाजपा का आरोप भाजपा नेताओं ने निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे गए पत्र में यह भी उल्लेख किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बीएलओ के लिए बनाए नियमों का पालन न होने पर भी इलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही । उन्होंने कहा कि इससे वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में नहीं जुड़ पाएंगे और कई पात्र लोग मताधिकार से वंचित हो जाएंगे । नेताओं ने इस स्थिति को “अन्यायपूर्ण” बताते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की ।
भाजपा ने एसआईआर प्रक्रिया की संपूर्ण ऑडिट की मांग की नेताओं ने कहा कि एसआईआर के दौरान हो रही अनियमितताओं का समाधान बेहद आवश्यक है । यदि समय रहते इन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई , तो हजारों मतदाता प्रभावित हो सकते हैं । उन्होंने चुनाव आयोग से विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक ऑडिट , बीएलओ की जवाबदेही तय करने और बूथ लेवल एजेंटों को पहचान पत्र जल्द जारी करने की मांग रखी है ।
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