स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
हाइलाइट बॉक्स:
🔹 दुर्लभ ब्लड ग्रुप 10,000 लोगों में केवल एक को मिलता है
🔹 सरायपाली के आरक्षक अमित बंजारे ने बिलासपुर जाकर किया रक्तदान
🔹 मानवता और कर्तव्य भावना का दिया प्रेरक संदेश
सरायपाली। मानवता की मिसाल पेश करते हुए सरायपाली थाना में पदस्थ आरक्षक अमित बंजारे ने बिलासपुर जाकर एक मरीज को जीवनदान दिया। मरीज को जिस ब्लड की जरूरत थी, वह भारत में अत्यंत दुर्लभ माना जाने वाला ‘रेयर ब्लड’ ग्रुप है, जो 10 हजार में केवल एक व्यक्ति के पास पाया जाता है।

जानकारी के अनुसार, सरायपाली के अंतर्गत आने वाले ग्राम छोटेलगड निवासी मोहिन कुर्रे की 29 वर्षीय पुत्री, जो एमबीए की छात्रा हैं, को गंभीर बीमारी के चलते रेयर ब्लड की आवश्यकता पड़ी। जब ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं मिला, तो रक्तदान समिति ने पुलिस विभाग से संपर्क किया। सरायपाली थाना प्रभारी और पुलिस टीम ने तुरंत आरक्षक अमित बंजारे से संपर्क किया, जिनका ब्लड ग्रुप मरीज से मैच हुआ।
अमित बंजारे ने बिना किसी झिझक के मानवता की सेवा को सर्वोपरि मानते हुए अपनी ड्यूटी से समय निकालकर बिलासपुर पहुंच कर रक्तदान किया। उनके इस कार्य की सराहना स्थानीय पुलिस विभाग, रक्तदान समिति और नागरिकों ने की है। समिति ने बताया कि आरक्षक का यह कार्य न केवल मरीज के परिवार के लिए संजीवनी साबित हुआ, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है।
अमित बंजारे ने कहा कि “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं। यदि मेरे रक्त से किसी की जान बचती है, तो यह मेरे लिए गर्व की बात है।” पुलिस विभाग ने भी उनके इस अनुकरणीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगी ही समाज में मानवता का संदेश फैलाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेयर ब्लड ग्रुप ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ या ‘एच एच ब्लड ग्रुप’ कहलाता है, जो बेहद दुर्लभ होता है और देशभर में केवल कुछ ही लोगों के पास पाया जाता है। इस स्थिति में सही दाता का मिलना अत्यंत कठिन होता है, इसलिए आरक्षक अमित बंजारे का यह रक्तदान किसी जीवनदान से कम नहीं।
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