स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) को एक बड़ा झटका देते हुए स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की टाउनशिप में दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि टाउनशिप को बिजली उपलब्ध कराना किसी भी तरह से “व्यवसाय के क्रम या उसके संवर्धन” का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह एक कल्याणकारी सेवा मानी जाएगी। इसलिए इस पर कंपनियां GST के तहत टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकतीं।
न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी और न्यायमूर्ति रजनी दुबे की खंडपीठ ने BALCO की अपील को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों की सुविधा के लिए टाउनशिप में बिजली की आपूर्ति, व्यवसायिक गतिविधियों से भिन्न है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CGST नियमों में जो संशोधन किए गए हैं, उन्हें पूर्व प्रभाव (retrospective effect) से लागू नहीं किया जा सकता। इसका अर्थ यह है कि कंपनियां पुराने मामलों में संशोधित नियमों का लाभ नहीं उठा सकतीं।
इस फैसले से यह कानूनी रूप से स्थापित हो गया है कि किसी भी कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों या आवासीय परिसरों में दी जाने वाली बिजली या अन्य कल्याणकारी सेवाएं “व्यवसायिक उपयोग” के अंतर्गत नहीं आतीं। इसलिए ऐसे मामलों में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा अस्वीकार्य रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला देशभर की उन कंपनियों के लिए मिसाल बनेगा, जो टाउनशिप या स्टाफ कॉलोनी में सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं और उस पर GST ITC का लाभ लेने का प्रयास करती हैं।
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