स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर। दीपावली का त्योहार खुशियों के साथ-साथ पटाखों के करोड़ों रुपये के व्यापार का अवसर भी लेकर आता है। राजधानी में हर साल प्रशासन द्वारा अस्थाई पटाखा मार्केट की अनुमति दी जाती है, जहां लाइसेंस प्राप्त कारोबारी निर्धारित नियमों के अनुसार दुकानें खोलकर पटाखे बेचते हैं। लेकिन इस वर्ष भी कई अवैध दुकानें खुली हुई हैं, जो बिना अनुमति या लाइसेंस के पटाखे बेच रही हैं। इस कारण नियमित व्यवसायियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गली-मोहल्लों में खुलेआम बिक रहे पटाखे
राजधानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी दीपावली से पहले ही गली-मोहल्लों में बच्चे और युवा पटाखे फोड़ते नजर आ रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें ये पटाखे कहां से मिल रहे हैं, तो उनका कहना था कि मुहल्ले की छोटी दुकानें ही इसका मुख्य स्रोत हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि अवैध बिक्री का जाल पूरे शहर में फैल चुका है।
सड़क किनारे लग रही अवैध दुकाने
सड़क किनारे चल रही इन दुकानों से नियमित कारोबारियों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। व्यावसायियों का कहना है कि कुछ लोगों के पास अस्थाई लाइसेंस भी है, लेकिन वे केवल नगर निगम द्वारा निर्धारित पटाखा मार्केट में ही दुकान खोल सकते हैं। इसके बावजूद कई लोग पूरे शहर में बिना अनुमति दुकानें चला रहे हैं। राजधानी रायपुर में प्रशासन ने केवल लाखे नगर में अस्थाई मार्केट की अनुमति दी है, लेकिन इसके अलावा जगह-जगह अवैध रूप से दुकानें चल रही हैं।
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बांस और कपड़े से बने स्टॉल पर रोक
इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर निर्देश दिए हैं कि पटाखा स्टॉल बांस, बल्ली या कपड़े से नहीं बने, बल्कि उन्हें टिन शेड से बनाना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य आग लगने की घटनाओं को रोकना है, क्योंकि बांस और कपड़े आग पकड़ने में तुरंत सक्षम होते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
नियमों की अनदेखी और दूरी का पालन नहीं
राजधानी और अन्य शहरों में नियमों की अनदेखी जारी है। अवैध दुकानों में बांस-बल्लियों का उपयोग देखा जा रहा है और दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी भी नहीं रखी जा रही। पुलिस और जिला प्रशासन की गाइडलाइन का ग्राउंड पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। कारोबारियों का कहना है कि उन्हें गाइडलाइन देर से मिली, जबकि दुकानें पहले ही बननी शुरू हो चुकी थीं। वे प्रशासन और पुलिस से मांग कर रहे हैं कि अवैध रूप से पटाखा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नियमों का पालन करने वाले व्यवसायियों को कोई नुकसान न हो।
ग्रीन पटाखों की बिक्री करें
पुलिस और प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ग्रीन पटाखों की बिक्री की जाए। दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि अपने थाने और पुलिस नियंत्रण कक्ष के संपर्क नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर तुरंत सूचना दें।
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नागरिकों के लिए सुरक्षा टिप्स
एसडीआरएफ ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें और प्रमाणित उत्पादों का चयन करें। पटाखे हमेशा खुले मैदान, पार्क या बड़े खुले स्थानों पर जलाएँ; घर के अंदर, खिड़कियों के पास या बंद जगहों पर कभी न जलाएँ।
पटाखे जलाते समय सूती वस्त्र पहनें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े तुरंत आग पकड़ लेते हैं। ढीले या लटकने वाले कपड़े पहनने से बचें। ज्वलनशील वस्तुओं जैसे सूखी पत्तियां, गैस सिलेंडर या वाहन के पास पटाखों का उपयोग न करें। यदि कोई पटाखा नहीं जलता, तो उसे दोबारा जलाने की कोशिश न करें।
अवैध पटाखा बिक्री ने इस वर्ष भी राजधानी में व्यापारियों और नागरिकों दोनों के लिए सुरक्षा और नियम पालन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बावजूद नियमों की अनदेखी से यह समस्या हर साल की तरह चुनौती बनी हुई है।
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