स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार द्वारा रेत खदानों की नीलामी पर किए जा रहे दावों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्ता और संरक्षण में ही प्रदेश भर में रेत का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। बैज ने आरोप लगाया कि न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराज्यीय तस्करों का गिरोह भी छत्तीसगढ़ से रेत की तस्करी आंध्र, तेलंगाना, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश और ओड़िशा तक कर रहा है।
बैज ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान रेत खदानों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी। खदानों की नीलामी के बाद खनिज विकास निगम की निगरानी में सभी खदानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इन्हें बंद कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में जितनी रेत खदानें संचालित हैं, उनके मुकाबले तीन गुना अधिक अवैध खनन हो रहा है। अवैध उत्खनन, भंडारण और ओवरलोडिंग परिवहन को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
प्रदेश के कई नेशनल हाईवे, राजकीय मार्ग, जिला सड़क और गांवों में आज भी सरकारी जमीनों पर अवैध रेत भंडारण जारी है। बैज ने बताया कि कांग्रेस ने धमतरी, महासमुंद, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा सहित प्रदेश के 85 स्थानों पर अवैध रेत भंडारण के खिलाफ आंदोलन किया, लेकिन हाई कोर्ट की सख्ती के बावजूद भी भाजपा सरकार की सांठगांठ से अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है।
बैज ने यह भी कहा कि सरकार पूरी तरह रेत माफिया के कब्जे में है। उन्होंने बलरामपुर और बलौदा बाजार में हाल में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 12 मई 2025 को बलरामपुर में एक कांस्टेबल को ट्रैक्टर से कुचलकर मार दिया गया, जबकि 16 जून 2025 को बलौदा बाजार में खनिज कर्मचारियों और अधिकारियों को बंधक बनाकर मारा गया। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर आक्रामक रही और विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव भी लाया, लेकिन सरकार सरेंडर मोड पर दिखाई दे रही है।
बैज ने आरोप लगाया कि कमीशन की काली कमाई में हिस्सेदारी के लालच में सरकार अवैध रेत तस्करों को संरक्षण दे रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए पिछले तीन महीने से ऑनलाइन नीलामी का झूठा दावा कर रही है।
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