दिल्ली/स्वतंत्र छत्तीसगढ़
नई दिल्ली: राजधानी में संगठित अपराध पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली पुलिस ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के निर्देश पर, पुलिस विभाग ने अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की है। इसका मकसद दिल्ली को कुख्यात अपराधियों के प्रभाव से मुक्त कर, आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
इस नई रणनीति के तहत ज़िलों, अपराध शाखा (Crime Branch) और विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। इस SOP का मुख्य उद्देश्य गैंगस्टर नेटवर्क के संचालन को जड़ से खत्म करना और अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाना है।
पुलिस के अनुसार, अब विशेष प्रकोष्ठ हर महीने सक्रिय गैंगस्टरों की एक अद्यतन सूची तैयार करेगा, जिसे नियमित रूप से अपडेट भी किया जाएगा। जिलों और विभिन्न इकाइयों को जानकारी साझा करने के लिए एक समर्पित ईमेल आईडी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सूचना के आदान-प्रदान में तेजी आएगी और किसी भी आपराधिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
योजना में साफ संदेश दिया गया है कि गैंगस्टरों और हथियारबंद अपराधियों पर सख्त कार्रवाई से हिचकिचाहट नहीं बरती जाएगी। अगर कोई अपराधी गोली चलाता है, तो पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई में गोली चलाने से परहेज नहीं करना चाहिए।
SOP के अनुसार, विशेष सेल और अपराध शाखा संयुक्त रूप से तीन श्रेणियों में वांछित गिरोहों की सूची तैयार करेगी—
- दिल्ली में सक्रिय और यहीं रहने वाले गिरोह,
- दिल्ली में सक्रिय लेकिन अन्य राज्यों में ठिकाना बनाए हुए गिरोह,
- अन्य राज्यों में सक्रिय लेकिन दिल्ली में आपराधिक प्रभाव डालने वाले गिरोह।
इसके अतिरिक्त, इन सूचियों का उपयोग पुलिस नेटवर्किंग और इंटेलिजेंस शेयरिंग के माध्यम से किया जाएगा ताकि किसी भी गिरोह के गतिविधियों का जल्द पता लगाया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि यह नई पहल न केवल अपराध दर को घटाएगी बल्कि दिल्ली पुलिस की अपराध नियंत्रण क्षमता को भी और मजबूत बनाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कदम राजधानी को “गैंगस्टर-फ्री दिल्ली” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की साझा भूमिका बेहद अहम होगी।
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