रायपुर : 22 जुलाई 2025
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आज सोमवार को पूरे प्रदेश में आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक चलेगा, जिससे 33 जिलों में मुख्य राजमार्गों और शहरों के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक बाधित रहेगा। कांग्रेस का यह आंदोलन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के खिलाफ है, जिसे पार्टी ने राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
किन-किन स्थानों पर होगा चक्काजाम?
- रायपुर: VIP रोड श्रीराम मंदिर चौक, मैग्नेटो मॉल के सामने, धरसींवा, धनेली, आरंग, अभनपुर, तिल्दा और खरोरा जैसे इलाकों में जाम लगेगा।
- बिलासपुर: सकरी-पेंड्रीडीह फ्लाई ओवर के नीचे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोका जाएगा।
- जगदलपुर (बस्तर): आमागुड़ा चौक पर चक्काजाम से रायपुर-जगदलपुर मार्ग प्रभावित रहेगा।
- अंबिकापुर (सरगुजा): बनारस रोड पर BTI के पास हाईवे जाम होगा, जिससे उत्तर भारत की ओर जाने वाली आवाजाही प्रभावित होगी।
- रायगढ़: कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास ट्रकों और मालवाहक वाहनों को रोका जाएगा।
- दुर्ग: जिले में छह स्थानों पर हाईवे ब्लॉक किए जाएंगे।
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: दुर्गावती चौक और दत्तात्रेय के पास प्रदर्शन होगा।
कांग्रेस ने प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए 12 वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग संभागों की जिम्मेदारी सौंपी है। स्कूल बसों और एम्बुलेंस को चक्काजाम से छूट दी गई है, लेकिन आम जनता और व्यापारिक गतिविधियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और आरोप
ED ने 18 जुलाई को भिलाई से चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में उन्हें 16.70 करोड़ रुपए की अवैध रकम मिली, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया। रायपुर की विशेष अदालत ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर ED को सौंपा है।
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि चैतन्य ने कथित रूप से 1000 करोड़ से अधिक की ब्लैक मनी को रियल एस्टेट और अन्य कारोबारों में लगाकर “वाइट” किया। इस घोटाले में शराब कारोबारी पप्पू बंसल और अफसरों की मिलीभगत का आरोप है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 2022 से जांच चल रही है लेकिन चैतन्य को एक बार भी समन नहीं भेजा गया, ना ही उनका बयान लिया गया। सीधे गिरफ्तारी कर ली गई, जो कानून की प्रक्रिया का उल्लंघन है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
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