रायपुर: 19 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में आयोजित ‘बोर-बासी दिवस’ पर अब सियासी घमासान मच गया है। भाजपा की साय सरकार ने इस कार्यक्रम में हुई भारी अनियमितताओं की जांच की घोषणा कर दी है। आरोप है कि महज 5 घंटे के एक कार्यक्रम में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 8 करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिए थे।
शुक्रवार को विधानसभा के अंतिम दिन भाजपा विधायक राजेश मूणत ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 1 मई 2023 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
बिना निविदा खर्चे करोड़ों:
राजेश मूणत द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार:
साल 2020 में बिना निविदा के 3 करोड़ का काम मेसर्स शुभम किराया भंडार को दिया गया।
साल 2023 में 8.32 करोड़ रुपये का काम मेसर्स व्यापक इंटरप्राइजेस को सौंपा गया।
साल 2024 में भी यही सिलसिला जारी रहा और बिना टेंडर 3 करोड़ का काम फिर से व्यापक इंटरप्राइजेस को दे दिया गया।
सिर्फ रायपुर में ही 8 करोड़ खर्च
1 मई 2023 को साइंस कॉलेज मैदान में 5 घंटे का सरकारी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
8.14 करोड़ रुपये इस आयोजन में खर्च हुए, जबकि मजदूरों की संख्या 15 हजार ही बताई गई।
1.10 करोड़ रुपये में 6 विशाल डोम बनाए जाने का दावा, लेकिन बने सिर्फ 4।
75 लाख का खाना, 27 लाख का पानी और 80 लाख की टोपियाँ खरीदी गईं।
5 रुपये वाली पानी की बोतल को 18 रुपये में खरीदा गया।
150 मेहमानों को 10-10 हजार रुपये के मोमेंटो बांटे गए।
पुलिस और प्रशासन भी बोरे-बासी में शामिल
पूर्व सरकार के “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” अभियान के तहत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पीछे नहीं रहे। IAS और IPS अफसरों से लेकर जिला पुलिस अधीक्षकों तक ने अपने-अपने स्तर पर बोर-बासी का आयोजन कराया और कैटरिंग के खर्चे भी उठाए गए।
अब जांच करेगी विधायक समिति
प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने विधानसभा में ऐलान किया कि कांग्रेस शासनकाल में हुए इस आयोजन की विधायकों की एक विशेष जांच समिति जांच करेगी। भाजपा ने इसे एक बड़ा घोटाला करार दिया है और कांग्रेस से जवाब मांगा है।
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