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चंबल में अवैध रेत खनन पर जनहित याचिका, हाईकोर्ट ने मामला एनजीटी को सौंपा…

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ग्वालियर : 16 जुलाई 2025

चंबल नदी में जारी अवैध रेत खनन पर दायर जनहित याचिका को ग्वालियर हाईकोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को ट्रांसफर कर दिया है। याचिका जून 2025 में अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने दाखिल की थी, जिसमें खनन से जनहानि और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर गंभीर मुद्दे उठाए गए थे।

याचिकाकर्ता के अनुसार अब तक इस अवैध खनन से 75 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक आईपीएस अधिकारी और कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। मुरैना से ग्वालियर के बीच खनन माफिया के तेज रफ्तार डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क हादसों का कारण बन रही हैं, जिससे आम जनता की जान को खतरा है।

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इसके अलावा, याचिका में यह भी बताया गया कि चंबल नदी का एक हिस्सा राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य के अंतर्गत आता है, जहां खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। फिर भी वहां अवैध रेत खनन जारी है, जिससे घड़ियालों और मगरमच्छों के अंडों को नुकसान हो रहा है और जैव विविधता पर संकट गहराता जा रहा है।

राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि चंबल से जुड़े रेत खनन का एक मामला पहले से ही एनजीटी में विचाराधीन है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने मौजूदा याचिका को भी एनजीटी को ट्रांसफर करने का आदेश दिया और केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया है।

अब यह मामला एनजीटी में सुना जाएगा, जहां याचिकाकर्ता ने खनन पर सख्त रोक और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है ताकि पर्यावरण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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