भोपाल : 10 जुलाई 2025
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पूर्व प्रवर्तन अधिकारी श्यामलाल अखंड और उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उज्जैन और इंदौर में स्थित करीब 51 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति कुर्क की है। यह संपत्तियाँ उज्जैन के नलवा गांव की कृषि भूमि और इंदौर की एमरॉल्ड सिटी जख्या में आवासीय भूखंड के रूप में हैं।
ईडी के अनुसार, अखंड ने 2009 से 2019 के बीच ईपीएफओ में पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की, जिसमें रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की भूमिका सामने आई है। उन्होंने यह संपत्ति अपने, पत्नी और बेटे के नाम पर खरीदी, लेकिन आय के स्रोत के तौर पर जो जानकारी दी—जैसे वेतन, खेती, किराया और पत्नी का कढ़ाई-सिलाई व्यवसाय—उसके कोई प्रमाण नहीं दे सके।
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यह कार्रवाई प्रधानमंत्री धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ईडी ने जांच की शुरुआत सीबीआई और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर की थी—एक एफआईआर रिश्वत लेने और दूसरी आय से अधिक संपत्ति रखने के संबंध में दर्ज की गई थी।
छह साल पहले सीबीआई की छापेमारी में खुलासा हुआ था कि अखंड ने मंदसौर की एक कंपनी से पीएफ गड़बड़ी दबाने के बदले 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। उन्होंने दो लाख रुपए लेकर कंपनी के प्रतिनिधि को अपने घर बुलाया था।
ईडी की यह कार्रवाई सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग पर अब सख्त नजर रखी जा रही है।
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