रायपुर, 1 जुलाई 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक्स नीति 2025 को मंजूरी प्रदान की गई। इस नीति के तहत राज्य को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 140 करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता और विविध रियायतों की घोषणा की गई है।
मुख्य बिंदु :
- लॉजिस्टिक हब, ड्राइ पोर्ट आदि के लिए 140 करोड़ तक अनुदान
- ट्रांसपोर्ट हब हेतु 5 करोड़ तक अनुदान
- वेयरहाउस व कोल्ड स्टोरेज पर 45% तक पूंजी निवेश अनुदान
- ग्रीन लॉजिस्टिक्स को 5% अतिरिक्त प्रोत्साहन
- बस्तर-संरगुजा को 10% अतिरिक्त लाभ
- 1000+ रोजगार या 500 करोड़ निवेश पर विशेष प्रोत्साहन
नई नीति के अनुसार लॉजिस्टिक हब, ड्राइ पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो, एयर कार्गो टर्मिनल और गति-शक्ति कार्गो टर्मिनल जैसी अधोसंरचनाओं की लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 140 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा बाहरी अधोसंरचना के लिए 50 प्रतिशत अनुदान और ट्रांसपोर्ट हब या फ्रेट स्टेशन के लिए 35 प्रतिशत तक, अधिकतम 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मध्य भारत में स्थित राज्य को मिलेगा भौगोलिक लाभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए अत्यंत अनुकूल है। अब राज्य सरकार इस रणनीतिक लाभ का उपयोग करते हुए ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को आकर्षित करेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। इससे राज्य में व्यापार, निर्यात और आर्थिक विकास को नया बल मिलेगा।
निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
ड्राइ पोर्ट, कंटेनर डिपो और एयर कार्गो टर्मिनल जैसे अधोसंरचनाओं की स्थापना से स्थानीय उद्योगों, उत्पादकों और किसानों को वैश्विक बाजार तक सीधा पहुंच मिल सकेगा। खासकर वन उत्पाद, औषधीय पौधे और वनोपज के निर्यात को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होंगे।
वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज पर विशेष प्रोत्साहन
नीति के तहत वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए 35 से 45 प्रतिशत पूंजी निवेश अनुदान, 50 से 60 प्रतिशत ब्याज अनुदान, साथ ही विद्युत शुल्क और स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। लॉजिस्टिक पार्क हेतु प्रति एकड़ 25 लाख रुपये तक अनुदान, 50% बाह्य अधोसंरचना सहायता और बस्तर व सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।
ग्रीन लॉजिस्टिक्स और मेगा प्रोजेक्ट को मिलेगा विशेष बढ़ावा
पर्यावरण अनुकूल पहल को बढ़ावा देते हुए ग्रीन लॉजिस्टिक्स को अपनाने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई परियोजना 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करती है या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देती है, तो उसे विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
स्वतंत्र लॉजिस्टिक्स नीति की दिशा में ऐतिहासिक कदम
अब तक राज्य में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को औद्योगिक नीति के तहत प्रोत्साहन दिया जाता था, लेकिन अब छत्तीसगढ़ ने भारत सरकार के लीड्स सर्वे के अनुरूप एक स्वतंत्र लॉजिस्टिक्स नीति लागू कर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “यह नीति छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। इससे निवेश, रोजगार, व्यापार और निर्यात के नए द्वार खुलेंगे, और राज्य एक सशक्त लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरकर सामने आएगा।”
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