24.1 C
Raipur
Wednesday, February 11, 2026

भूकंप के दो झटके, 3.9 और 4.2 तीव्रता दर्ज…

HomeInternationalNEPALभूकंप के दो झटके, 3.9 और 4.2 तीव्रता दर्ज...

Date:

काठमांडू: 30 जून 2025

नेपाल में रविवार को दो अलग-अलग समय पर भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल दिया | भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पहला भूकंप 29 जून को दोपहर 2:19 बजे आया जिसकी तीव्रता 4.2 मापी गई | इसका केंद्र नेपाल में 10 किमी की गहराई पर था | दूसरा झटका 30 जून की सुबह 8:24 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.9 रही और यह 14 किमी की उथली गहराई पर केंद्रित था | NCS ने इन भूकंपों की जानकारी अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा की | पहले झटके के स्थान की भौगोलिक स्थिति 29.35°N अक्षांश और 81.94°E देशांतर, जबकि दूसरे भूकंप की स्थिति 29.24°N और 81.77°E बताई गई |

उथले भूकंप अधिक खतरनाक
विशेषज्ञों का कहना है कि उथले भूकंप, जिनकी गहराई 15 किमी से कम होती है, सतह पर अधिक ऊर्जा छोड़ते हैं, जिससे संरचनात्मक क्षति और जानमाल का खतरा बढ़ जाता है | नेपाल में आए दोनों भूकंप इसी श्रेणी में आते हैं, भले ही इनकी तीव्रता मध्यम रही, लेकिन स्थान और गहराई के कारण इन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है |

नेपाल की भूकंप संवेदनशीलता
नेपाल भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव बिंदु पर स्थित है | यह टकराव लगातार दबाव और तनाव उत्पन्न करता है, जो समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर आता है | इस प्रक्रिया को सबडक्शन ज़ोन कहा जाता है, जहाँ भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे खिसकती है | यही प्रक्रिया हिमालय के निर्माण का भी कारण है और इसी के चलते यह क्षेत्र हमेशा भूकंप की दृष्टि से खतरे में रहता है |

2015 का दर्द अब भी ताज़ा
नेपाल के इतिहास में भूकंप की कई विनाशकारी घटनाएं दर्ज हैं, जिनमें सबसे भयावह रहा 25 अप्रैल 2015 का 7.8 तीव्रता वाला भूकंप, जिसमें करीब 8,969 लोगों की जान गई और हजारों इमारतें ध्वस्त हो गईं. हाल ही में 26 अप्रैल 2025 को नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने धरहरा टॉवर की प्रतिकृति के नीचे एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिरकत की और 2015 के भूकंप पीड़ितों को याद करते हुए एक मिनट का मौन रखा |

नेपाल में बार-बार आ रहे भूकंप न केवल क्षेत्र की भूगर्भीय स्थिति का संकेत हैं, बल्कि यह चेतावनी भी देते हैं कि भूकंप-रोधी संरचनाओं और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है | सतर्कता और तैयारी ही ऐसे प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल की रक्षा कर सकती है |

हमारे whatsapp ग्रुप से जुड़ें;https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG हमारे फेसबुक से जुड़ें;https://www.facebook.com/me हमारे यूट्यूब से जुड़ें; https://www.youtube.com/@swatantrachhattisgarh  हमारे व्हात्सप्प चैनल से जुड़ें; https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q हमारे ट्वीटर से जुड़ें; https://x.com/c35509

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

नेपाल को मिली पहली महिला प्रधानमंत्री, पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने ली शपथ…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ काठमांडू। नेपाल की राजनीति में शुक्रवार का...

काठमांडू में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ बवाल, 19 की मौत – 200 से ज्यादा घायल

स्वतंत्र छत्तीसगढ़: काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध...

काठमांडू हवाई अड्डे पर भारतीय नागरिक अवैध नकदी के साथ गिरफ्तार…

काठमांडू, 28 अप्रैल 2025: नेपाल की राजधानी काठमांडू के...