रायपुर: 19 मार्च 2025 (भूषण राव)
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की टीम ने बुधवार को पूछताछ शुरू कर दी। सुबह DSP और इंस्पेक्टर स्तर के दो अधिकारी रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां वे लखमा से 12 अहम सवालों पर जवाब तलब कर रहे है
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने विशेष ईडी कोर्ट से अनुमति लेकर 19 और 20 मार्च को पूछताछ की अनुमति प्राप्त की है। जांच के दौरान यह इनपुट मिला है कि घोटाले से जुड़े पैसों का कुछ हिस्सा नक्सलियों तक भी पहुंचा है। अब EOW इस मामले में कवासी लखमा से सीधे सवाल कर रही है।
आबकारी घोटाले में सरकारी अधिकारियों, शराब ठेकेदारों और राजनीतिक हस्तियों की मिलीभगत से करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया था। अब इसमें नक्सल कनेक्शन की संभावना से जांच और गहराई तक पहुंच गई है। EOW इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस घोटाले की काली कमाई से नक्सलियों को फंडिंग की गई थी।
इससे पहले, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जेल में कवासी लखमा से मुलाकात की। उनकी इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि जांच पारदर्शिता के साथ हो रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है।
अब सभी की नजरें EOW की पूछताछ और उसके बाद की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या आबकारी घोटाले का नक्सली कनेक्शन सच साबित होगा? आने वाले दिनों में इसका खुलासा हो सकता है।