इंस्टाग्राम पर क्रेडिट कार्ड का ऑफर देखकर किया था आवेदन, वीडियो केवाईसी के नाम पर साइबर ठगों ने कार्ड से उड़ाई रकम
हेडलाइंस
- पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड के नाम पर साइबर ठगी
- इंस्टाग्राम पर ऑफर देखकर पीड़ित ने किया था आवेदन
- बैंक कर्मचारी बनकर ठग ने किया फोन
- वीडियो केवाईसी के नाम पर वाट्सऐप से भेजा फर्जी लिंक
- लिंक पर जानकारी भरते ही क्रेडिट कार्ड से हुए तीन लेनदेन
- तीन ट्रांजेक्शन में कुल 2.20 लाख रुपए निकाले गए
- शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की साइबर ठगी की जांच
रायपुर। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर 2.20 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ढेबर सिटी, भाठागांव निवासी 47 वर्षीय विनोद कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 23 सितंबर को इंस्टाग्राम पर आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड का ऑफर देखा था। ऑफर पसंद आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया।
आवेदन के अगले दिन 24 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड का आवेदन आगे बढ़ाने के लिए पुराने क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी मांगी।
इसके बाद आरोपी ने क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए वीडियो केवाईसी जरूरी होने की बात कही। उसने विनोद कुमार के वाट्सऐप पर एक लिंक भेजा और उस पर जाकर आवश्यक जानकारी भरने को कहा। बैंक कर्मचारी समझकर उन्होंने लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी दर्ज कर दी।
केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही समय बाद उनके पीएनबी क्रेडिट कार्ड से लगातार तीन लेनदेन हुए। इन तीनों लेनदेन के जरिए कुल 2.20 लाख रुपए निकाल लिए गए। मोबाइल पर रकम कटने के संदेश आने के बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग सोशल मीडिया पर बैंक और क्रेडिट कार्ड के आकर्षक ऑफर का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। आवेदन के बाद बैंक कर्मचारी बनकर फोन करना और केवाईसी, कार्ड सक्रिय करने या क्रेडिट सीमा बढ़ाने के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर गोपनीय जानकारी हासिल करना ठगी का एक तरीका बन गया है। ऐसे किसी भी लिंक पर बैंक संबंधी जानकारी दर्ज करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है।


