गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित खादी फैशन शो में छात्रों ने पारंपरिक वस्त्रों को आधुनिक डिजाइनों के साथ किया प्रस्तुत
हेडलाइंस
- मैट्स स्कूल ऑफ फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी ने आयोजित किया ‘चरखा’ खादी फैशन शो
- छह राउंड में छात्रों ने खादी और हैंडलूम परिधानों का किया प्रदर्शन
- विदेशी विद्यार्थियों ने कुंभ मेले की थीम पर आधारित खादी परिधानों में किया रैंप वॉक
- मुख्य अतिथि ने युवाओं को आत्मनिर्भर भारत और सतत फैशन से जुड़ने का दिया संदेश
रायपुर। गांधी जयंती के उपलक्ष्य में मैट्स स्कूल ऑफ फैशन डिजाइनिंग एंड टेक्नोलॉजी, रायपुर द्वारा 3 अक्टूबर 2026 को भव्य खादी फैशन शो ‘चरखा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय वस्त्र विरासत को सम्मान देने के साथ युवा डिजाइनरों में स्वदेशी कपड़ों और खादी के प्रति रुचि विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. मनोज दयाल, कुलपति, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गजराज पगारिया, महानिदेशक प्रियेश पगारिया, कुलपति डॉ. के.पी. यादव, प्रो-कुलपति डॉ. दीपिका ढांड, कुलसचिव गोकुलानंद पांडा, विभागाध्यक्ष परविंदर कौर सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।

‘चरखा’ फैशन शो में इंडियन स्टाइल, वेस्टर्न स्टाइल, इंडो-वेस्टर्न स्टाइल, खादी फॉर ऑफिस वियर, एम्ब्रॉयडरी ड्रेसेस और ट्रेडिशनल स्टाइल सिल्वेट सहित छह राउंड प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने हैंडलूम से तैयार पारंपरिक खादी कपड़ों को आधुनिक डिजाइन और शैली के साथ प्रस्तुत किया। रैंप पर खादी के रंग, बनावट, सादगी और आधुनिकता का आकर्षक संयोजन देखने को मिला।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विश्वविद्यालय के विदेशी छात्र-छात्राओं का रैंप वॉक रहा। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेले की थीम पर आधारित खादी परिधान पहनकर प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। विद्यार्थियों के रचनात्मक डिजाइनों ने यह दिखाया कि खादी पारंपरिक पहचान के साथ आधुनिक फैशन की जरूरतों के अनुरूप भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की जा सकती है।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर भारत और सतत फैशन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। कुलाधिपति गजराज पगारिया ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए निरंतर परिश्रम और सृजनशीलता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन कुलसचिव गोकुलानंद पांडा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


