दुर्ग/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
दुर्ग जिले में अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के उद्देश्य से SSP विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में सभी थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। गंभीर अपराधों की त्वरित विवेचना, लंबित मामलों के निराकरण और डिजिटल सिस्टम के प्रभावी उपयोग पर विशेष फोकस किया गया।
अपराध समीक्षा बैठक में सख्त संदेश
एसएसपी विजय अग्रवाल ने क्राइम मीटिंग में स्पष्ट कहा कि पुलिसिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने गंभीर और संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों और फरार वारंटियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया। अवैध हथियार, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।
थाना प्रभारियों को 16 बिंदुओं में जिम्मेदारी
बैठक में थाना प्रभारियों को प्रतिदिन थाना गणना उपस्थित सुनिश्चित करने, जन-शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और गंभीर अपराधों की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि गंभीर मामलों में थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर दर्ज करेंगे। सभी आरक्षकों के लिए A-B नोटबुक संधारण अनिवार्य किया गया, साथ ही रात्रिकालीन गश्त के प्वाइंट बढ़ाने और थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
डिजिटल सिस्टम और मानवीय व्यवहार पर फोकस
NAFIS प्रणाली, ई-चालान, ई-समन और ई-ऑफिस के शत-प्रतिशत पालन के निर्देश दिए गए। NDPS और आबकारी अधिनियम के तहत जब्त सामग्री का विधिवत नष्टीकरण करने को कहा गया। एसएसपी ने दो टूक कहा कि थाने में आने वाले हर व्यक्ति से सम्मानपूर्वक व्यवहार हो, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।


