रायपुर/छत्तीसगढ़
रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में फाइनेंस सेक्टर में नौकरी के बहाने आए 19 वर्षीय युवक ने शहर के छोटे व्यापारियों को झांसे में लेकर प्री-अप्रूव्ड लोन निकलवाए और करीब 15 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
फाइनेंस ऐप्स और भरोसे का गलत इस्तेमाल
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी कृष पवार उर्फ मुदित पाठे (19) ने रायपुर में ठेला लगाने वाले और छोटे व्यापारियों से मेलजोल बढ़ाकर पहले उन्हें कैशबैक, प्रोमो कोड और निवेश से मुनाफा दिलाया। इससे पीड़ितों का भरोसा जीतने के बाद उसने उनके मोबाइल फोन में बैंक और फाइनेंस एप्लीकेशन डाउनलोड कराए। आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल फोन जैसे निजी दस्तावेज अपने पास रख लिए और अलग-अलग फाइनेंस ऐप्स के जरिए पीड़ितों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन अप्लाई कर दिए। लोन की राशि आते ही उसने रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली।
पीड़ितों की कहानी और लोन का जाल
आज़ाद चौक निवासी दौलत कुशवाहा (32) ने बताया कि बहन की शादी के लिए पैसों की जरूरत बताने पर आरोपी ने लोन दिलाने का भरोसा दिया। उसकी जानकारी के बिना एक्सिस बैंक और आईडीएफसी बैंक से कुल करीब 4.6 लाख रुपए के लोन पास कराए गए, जिनकी रकम आरोपी ने हड़प ली। इसी तरह अब्दुल हन्नान से करीब 3 लाख, सिराज सोलंकी से 6 लाख, रोजिना सोलंकी से 1 लाख और एक अन्य गुपचुप व्यवसायी से साढ़े 4 लाख की ठगी की गई। कई पीड़ित आज भी बिना रकम लिए लोन की किस्तें चुका रहे हैं।
आरोपी की स्वीकारोक्ति और पुलिस कार्रवाई
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से फाइनेंस और निवेश की जानकारी हासिल की और ठगी की रकम से छिंदवाड़ा में मोबाइल दुकान खोलने की योजना बनाई थी। कोतवाली एसीपी दीपक मिश्रा के अनुसार, आरोपी के कब्जे से दर्जनभर बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
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