रायपुर /छत्तीसगढ़
डीजीजीआई रायपुर जोनल यूनिट ने फर्जी इनवॉइस के जरिए 14 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के आरोप में संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया। जांच में 80 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस और अवैध आईटीसी का खुलासा हुआ है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजकर सेंट्रल जेल रायपुर ले जाया गया है।
फर्जी इनवॉइस से कर चोरी का खुलासा
रायपुर। माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने बेटे के नाम पर पंजीकृत फर्म मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी का संचालन कर रहा था। जांच में सामने आया कि बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
डेटा एनालिटिक्स से मिली ठोस पुष्टि
विश्वसनीय खुफिया जानकारी और उन्नत डेटा एनालिटिक्स के आधार पर डीजीजीआई अधिकारियों ने आपूर्तिकर्ताओं के बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल डेटा और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। जांच के निष्कर्षों के अनुसार, फर्जी इनवॉइस का कुल मूल्य लगभग 80 करोड़ रुपये पाया गया, जबकि कर चोरी की राशि करीब 14 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
पर्याप्त साक्ष्य एकत्र होने के बाद, चूंकि अवैध आईटीसी की राशि 5 करोड़ रुपये से अधिक थी, इसलिए सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत धारा 132 में दंडनीय अपराध के आरोप में आरोपी को 29 जनवरी की रात रायपुर से गिरफ्तार किया गया। संतोष वाधवानी को रायपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए 30 जनवरी की शाम सेंट्रल जेल रायपुर भेज दिया गया।
विभाग का सख्त संदेश और आगे की जांच
डीजीजीआई रायपुर जोनल यूनिट ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने व्यवसायों से जीएसटी कानूनों का सख्ती से पालन करने की अपील की है और धोखाधड़ी में शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस प्रकरण में अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।
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