रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
रायपुर में प्रस्तावित नालंदा परिसर पार्ट-2 के निर्माण से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के तहत बने यूथ हब को नियमों के खिलाफ बताकर तोड़ा गया, जिससे सैकड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी छिन गई। पार्टी ने खर्च, स्थान चयन, रोजगार और जवाबदेही को लेकर सरकार से सार्वजनिक जवाब की मांग की है।
भूमि पूजन से पहले जवाब की मांग
रायपुर में नालंदा परिसर पार्ट-2 के निर्माण को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार, पूर्व सरकार और क्षेत्रीय विधायक से जनता के सामने जवाब देने की मांग की है। कांग्रेस नेता श्रीकुमार मेनन ने कहा कि किसी भी तरह के भूमि पूजन से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि पुराने निर्माण को तोड़ने की ज़रूरत क्यों पड़ी और इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल निर्माण का नहीं, बल्कि जनविश्वास का मामला है।
यूथ हब तोड़ने पर उठे सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि पिछले तीन–चार वर्षों से स्मार्ट सिटी के तहत बने यूथ हब को नियमों के खिलाफ बताकर जनता को गुमराह किया गया। जबकि विधानसभा में नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव स्वयं यह स्वीकार कर चुके हैं कि यूथ हब नियमों के अनुसार बनाया गया था। इसके बावजूद उसे अवैध बताकर तोड़ना जनता के साथ सीधा धोखा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब निर्माण वैध था, तो उसे गिराने का आदेश किसने और क्यों दिया।
रोजगार और नुकसान की जिम्मेदारी किसकी
कांग्रेस के अनुसार 7–8 करोड़ रुपये की लागत से बने यूथ हब के टूटने से 300 से 400 लोगों का रोजगार खत्म हो गया। श्रीकुमार मेनन ने पूछा कि क्या मंत्री अरुण साव या विधायक राजेश मूणत इन प्रभावित लोगों को दोबारा रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी लेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी जनप्रतिनिधि ने अब तक उन दुकानदारों और कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति जानने की कोशिश की है।
जनता के पैसों की भरपाई कौन करेगा
कांग्रेस ने मांग की कि यूथ हब पर खर्च की गई करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि की भरपाई तय की जाए। पार्टी ने सवाल उठाया कि इसकी जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी प्रबंधन, तत्कालीन सांसद सुनील सोनी, तत्कालीन विधायक बृजमोहन अग्रवाल या किसी अन्य अधिकारी की है। मेनन ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से बने निर्माण को तोड़ने की अनुमति देना अपने आप में गंभीर और जांच योग्य विषय है।
नालंदा पार्ट-2 के स्थान पर भी आपत्ति
कांग्रेस ने नालंदा परिसर पार्ट-2 के लिए चुने गए स्थान पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जब नालंदा पार्ट-1 के पास पहले से खाली और निर्धारित भूमि मौजूद थी, तो वहां निर्माण क्यों नहीं कराया गया। जीई रोड के किनारे नए परिसर से ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
सार्वजनिक बहस की खुली चुनौती
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मंत्री अरुण साव और विधायक राजेश मूणत में नैतिक साहस है, तो वे इन सभी मुद्दों पर रायपुर की जनता और मीडिया के सामने खुली बहस के लिए आएं। श्रीकुमार मेनन ने कहा कि सच्चाई सार्वजनिक मंच पर सामने आएगी और जनता खुद तय करेगी कि भ्रम किसने फैलाया और नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है।


