हाइलाइट बॉक्स:
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में नितिन नवीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए संगठन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब पार्टी की कमान पूरी तरह नितिन नवीन के हाथ में है। पीएम ने कहा कि भाजपा में पद से अधिक प्रक्रिया और रिश्तों का महत्व है, और सेवा भाव ही सत्ता की असली शक्ति है।
भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति और नेतृत्व पर पीएम का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जो व्यक्तियों से नहीं बल्कि प्रक्रियाओं से चलती है। उन्होंने कहा कि “आज से नितिन नवीन ही हमारे अध्यक्ष हैं” और यह बात हर कार्यकर्ता व नेता को आत्मसात करनी चाहिए। पीएम ने रेखांकित किया कि भाजपा में मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप की परंपरा रही है। उन्होंने पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राज्यों में भाजपा अब एक बड़ी राजनीतिक आवाज बनकर उभरी है, जबकि नगर निगमों और स्थानीय निकायों में भी पार्टी पहली पसंद बन रही है। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा वहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है।
युवा नेतृत्व, अनुभव और नई पीढ़ी से संवाद की क्षमता
प्रधानमंत्री मोदी ने नितिन नवीन को ऊर्जा से भरपूर और अनुभवी संगठनकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने रेडियो के दौर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक का सफर देखा है। “आज की भाषा में कहूं तो नितिन जी खुद भी एक तरह से मिलेनियल हैं,” यह कहते हुए पीएम ने युवाओं से उनके स्वाभाविक जुड़ाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि नए नेताओं के लिए भाजपा केवल एक पार्टी नहीं, बल्कि एक सशक्त मंच है। इस अवसर पर पीएम ने जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए पीढ़ियों से जुड़े लाखों कार्यकर्ताओं को नमन किया।
पूर्व अध्यक्षों का योगदान और कार्यकर्ता भाव की मिसाल
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा के अध्यक्षीय कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह के दौर में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में आई, अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी ने दोबारा पूर्ण बहुमत हासिल किया और जेपी नड्डा की अगुवाई में संगठन संसद से लेकर पंचायत तक मजबूत हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि भले ही वह तीन बार प्रधानमंत्री रहे हों, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा गर्व पार्टी का कार्यकर्ता होना है। इसी भाव के साथ उन्होंने दोहराया—“जब बात पार्टी की आती है, तो मैं कार्यकर्ता हूं और नितिन नवीन मेरे बॉस हैं।”
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