स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
छत्तीसगढ़ में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बाद फिर तेज गिरावट संभव है। ठंडी हवाओं के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं, ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी साफ नजर आने लगा है।
मौसम में उतार-चढ़ाव, ठंडी हवाओं का असर बढ़ा
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। बीते 24 घंटों में दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में शीतलहर चली है। प्रदेश का अधिकतम तापमान दुर्ग और राजनांदगांव में 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण पाकिस्तान में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ऊपरी और मध्य वायुमंडल में ट्रफ और ऊंचाई पर बह रही तेज हवाएं मिलकर उत्तर भारत की ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक ला रही हैं। इसका असर खासतौर पर रात और सुबह के समय महसूस किया जाएगा, जबकि दिन में धूप खिली रहेगी और बारिश के कोई आसार नहीं हैं।
ठंड का बच्चों पर सीधा असर, अस्पतालों में बढ़े मामले
तेज ठंड का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और नवजातों पर देखा जा रहा है। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में बीते एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है, जबकि नवजातों में मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण ठंड सहने की क्षमता कम होती है। सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में यह खतरा और बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि लापरवाही बरतने पर कई बच्चों को NICU और SNCU में भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं ठंड के कारण ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अंबेडकर अस्पताल में रोजाना 2000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
राहत के इंतजाम और स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहर के 12 से अधिक स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर जोन स्तर पर रातभर निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की है कि ठंड के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में मलेरिया और वायरल संक्रमण के खतरे की भी चेतावनी दी है। डॉक्टरों के अनुसार भाप लेना, नमक-पानी से गरारे करना, विटामिन-सी युक्त आहार और अदरक-तुलसी की चाय ठंड से बचाव में मददगार हो सकती है।
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